चंडीगढ़: हरियाणा में राजनीतिक हलचल बहुत तेज हो गयी है. मनोहर लाल के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद नायब सिंह सैनी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. बीजेपी जेजेपी गठबंधन टूटने के बाद कांग्रेस के नेता सवाल कर रहे हैं कि इनको बताना चाहिए कि गठबंधन क्यों टूटा.
जेजेपी का क्या कहना है: दिल्ली में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) विधायक दल की बैठक हुई. बैठक की समाप्ति के बाद हरियाणा जेजेपी के अध्यक्ष निशान सिंह ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि "आज की बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा हुई. यह निर्णय लिया गया है कि कल हिसार में 'नव संकल्प' रैली आयोजित की जाएगी और पार्टी ने जो भी बातें तय की हैं, उसकी जानकारी वहां दी जाएगी."
हुड्डा की मांग: हरियाणा के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा का कहना है कि "उन्होंने नैतिक रूप से अपनी हार स्वीकार कर ली है. लोगों ने कांग्रेस सरकार बनाने का फैसला कर लिया है. बीजेपी-जेजेपी गठबंधन एक ठगबंधन था. राष्ट्रपति शासन के तहत नए चुनाव कराए जाने चाहिए.” वहीं भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के बेटे दीपेन्द्र सिंह हुड्डा का कहना है कि "हरियाणा में जो कुछ हो रहा है, वह इसलिए हो रहा है क्योंकि जनता ने बदलाव लाने का फैसला कर लिया है. जनता राज्य में मौजूदा सरकार से परेशान थी."
कुमारी शैलजा का आरोप: बीजेपी-जेजेपी गठबंधन टूटने पर कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा का कहना है कि "उन्हें बताना चाहिए कि गठबंधन क्यों टूटा, क्या कारण था. हरियाणा में आप लंबे समय से सत्ता में हैं. मुख्यमंत्री बदलकर खुद को बेदाग साबित करना चाहते हैं. हरियाणा की जनता ने आपका कुशासन देखा है. एकमात्र विकल्प कांग्रेस है और हरियाणा की जनता कांग्रेस की ओर देख रही है.''
खतरनाक था गठबंधन: हाल ही में बीजेपी से कांग्रेस में शामिल होने वाले सांसद बृजेंद्र सिंह का कहना है कि "हम इस गठबंधन के बारे में पिछले डेढ़ साल से लगातार सार्वजनिक रूप से और पार्टी मंचों पर कहते आ रहे हैं कि यह गठबंधन बहुत खतरनाक है. मुझे लगता है कि जब से मैंने इस्तीफा दिया है, शायद उन्हें इस बात का एहसास होने लगा है चीजें नियंत्रण से बाहर हो गई हैं."