धार। प्रदेश में सड़कों की हालत बदतर हो चुकी है, गांवों में बरसात के बाद लोगों को कीचड़ बरे रास्ते से गुजरना पड़ता है. ऐसे ही हालात सरदारपुर के लिमड़ीपाड़ा और मालपुरीया गांव की सड़कों का है. जहां ग्रामीण कीचड़ भरे रास्ते से सफर करने के लिए मजबूर हैं. जिसकी शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है.
कीचड़ भरे रास्ते में लड़खड़ा रहे नन्हें कदम, ग्रामीणों की बदहाली पर गंभीर नहीं प्रशासन - मालपुरिया गांव की कच्ची सड़क जर्जर
सरदारपुर तहसील के दो गांव की सड़कों की हालत खस्ता है.जिसके चलते ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है. जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बाद भी नतीजा ढाक के तीन पात जैसा है.
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सरदारपुर तहसील के इन दोनों गांवों की कुल आबादी लगभग दो हजार से भी ज्यादा है और ये क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य हैं. जिसके बाद भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं. रिंगनोद के लिमडीपाड़ा और मालपुरिया गांव की कच्ची सड़कें बदहाल हैं. जो थोड़ी ही बारिश में कीचड़ से भर जाती हैं. गांव से जाने का एकमात्र रास्ता होने के चलते स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ता है.
ग्रामीणों ने सड़क की शिकायत लिखित और मौखिक रुप से कई बार जनप्रतिनिधियों से की थी. लेकिन हर बार उन्हें अश्वासन देकर लौटा दिया जाता है. साथ ही आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत भी ग्रामीणों ने अपनी समस्या रखी थी. जिस पर अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है.