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राजनीति और कानूनी दांवपेच में बंद पड़ा जामताड़ा का पुराना नगर भवन, लोगों को नहीं मिल रहा लाभ

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Published : May 22, 2022, 1:06 PM IST

Updated : May 22, 2022, 1:52 PM IST

जामताड़ा का पुराना नगर भवन राजनीति और कानूनी दांवपेच में बंद पड़ा हुआ है. जिस उद्देश्य से इसे बनाया गया था, उसका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है. इसको लेकर लोगों ने नगर भवन खोलने की मांग की है.

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जामताड़ा

जामताड़ाः जामताड़ा का पुराना नगर भवन राजनीति एवं कानूनी दांवपेच में फंस कर रह गया है, इस वजह से यह कई महीनों से बंद है. इसका ना तो सदुपयोग हो पा रहा है ना इसका इस्तेमाल जन कल्याण में किया जा रहा है. जिस उद्देश्य से पुराना नगर भवन का निर्माण कराया गया आज उसकी पूर्ति नहीं हो पा रही है. इसको लेकर लोगों ने नगर भवन खोलने की मांग की है.

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क्या कहते हैं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्षः
इस मामले को लेकर जब नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष बीरेंद्र मंडल से पूछा गया तो उन्होंने गलत तरीके से नगर भवन में ताला जड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने बताया कि नगर पंचायत के अंतर्गत नगर भवन था, शादी विवाह में लोगों का यहां उपयोग किया जाता था, राजनीतिक कार्यक्रम भी होते थे. इतना ही नहीं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ने एक साजिश के तहत स्थानीय विधायक पर नगर भवन को हाई स्कूल के अधीन करने एवं ताला लगाने का आरोप लगाया. इसको लेकर उच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया है. इसके बावजूद यहां ताला लगाया गया है.

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पुराना नगर भवन जेबीसी हाई स्कूल परिसर अंतर्गत निर्मित है. जिसे लाखों रुपए खर्च कर नगर भवन का नगर पंचायत द्वारा सुंदरीकरण कराया गया और उसे सुसज्जित किया गया. ऐसा माना जा रहा है कि पुराना नगर भवन जामताड़ा, जेबीसी हाई स्कूल के अधीन रहेगा या नगर पंचायत के अधीन रहेगा, इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया. जिसमें स्थानीय विधायक और जामताड़ा नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष के बीच विवाद छिड़ गया. नतीजा यहा रहा कि मामला बिगड़ते देख प्रशासन ने नगर भवन को सील कर दिया, तब से यह भवन बंद है.

पुराना नगर भवन में ताला

नगर भवन हो रहा बर्बादः नगर भवन बंद रहने से जो रौनक साफ-सफाई रहा करती थी, शादी विवाह में शहनाई गूंजती थी, राजनीतिक कार्यक्रम में जमघट हुआ करता था. लेकिन आज महीनों से इस नगर भवन में सन्नाटा पसरा हुआ है. कूड़ा कचरा से पूरा परिसर पट गया है यहां तक कि इसके खिड़की दरवाजे भी धीरे-धीरे बर्बाद होने लगे हैं. स्थानीय नगर भवन खोलने की मांग कर इसके उपयोग के लिए मिन्नतें कर रहे हैं.



जो भी हो नगर भवन में ताला लगे रहने से इसका लाभ जहां आम जनता को नहीं मिल पा रहा और ना ही इसका सदुपयोग हो पा रहा है. वहीं मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है. देखना है कि इस नगर भवन का ताला कब तक खुल पाता है, साथ ही हाई कोर्ट के फैसले पर ही यह निर्णय हो पाएगा कि नगर भवन नगर पंचायत के अधीन रहता है या विद्यालय के अधीन.

Last Updated : May 22, 2022, 1:52 PM IST

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