बोकारो:इस्पात कामगार यूनियन एटक के ठेका मजदूर प्रकोष्ठ की ओर से रविवार को शहर में साइकिल और मोटरसाइकिल जुलूस निकालकर जन जागरण अभियान की शुरुआत की गई. जिसमें यूनियन के नेताओं ने ठेका मजदूरों के खिलाफ हो रहे जुल्म के खिलाफ जमकर आवाज बुलंद की. उन्होंने काम रहने के बावजूद बैठा दिए गए मजदूरों को वापस काम पर नहीं लेने के लिए बीपीसीएल प्रबंधन की आलोचना की.
Bokaro News: बोकारो इस्पात कामगार यूनियन का मोटरसाइकिल जुलूस, बीपीसीएल प्रबंधन की नीतियों के विरोध में की नारेबाजी - मजदूरों का शोषण बढ़ गया है
बीपीसीएल प्रबंधन की नीतियों के विरोध में एटक के ठेका मजदूर प्रकोष्ठ की ओर से मोटरसाइकिल जुलूस निकाल कर विरोध जताया गया. इस दौरान यूनियन के नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द हमारी मांगें पूरी नहीं की गई तो पुरजोर आंदोलन किया जाएगा.

मजदूरों का शोषण बंद करने की मांगःजुलूस में ठेकेदार बदलो, मजदूर वही रहेंगे नीति अपनाने पर जोर दिया गया. साथ ही न्यूनतम वेतन, सेल मजदूरों के S1 ग्रेड के समान करने, वेज रिवीजन करने, गेटपास को हथियार बनाना बंद करने और यूनियन करने के अधिकार को रोकने वाले ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग की. नेताओं ने कहा कि आठ साल 10 साल से कार्यरत ठेका मजदूरों को भी काम से निकाल दिया जाता है. सीएलसी नियमों का पालन नहीं हो रहा है. इस प्लांट में अधिकारी ठेकेदार के हिमायती बने हुए हैं. जिससे मजदूरों का शोषण बढ़ गया है और इंसाफ के लिए वह दर-दर की ठोकर खा रहे हैं.
हटाए गए मजदूरों को वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनीः इस दौरान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि मजदूरों को काम पर वापस किया जाए और मजदूरों को न्यूनतम वेतन का भुगतान किया जाए. साथ ही ठेकेदार बदलो, मजदूर वहीं रहेंगे नीति लागू करने पर जोर दिया. साथ ही वेतन से पीएफ और ईएसआई में कटौती करने की मांग की. इस दौरान यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि जल्द मांगें नहीं मानी गई तो पावर प्लांट के अंदर कार्यालय में मजदूरों का हल्ला बोल आंदोलन होगा और इसकी सारी जिम्मेदारी बीपीसीएल प्रबंधन की होगी.