जमशेदपुरः झारखंड सरकार के 181 सेवा को बंद करने के फैसले पर भाजपा ने आपत्ति जताई है और सरकार से इस सेवा को चालू करने की मांग की है. भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह सरकार दुर्भावना से प्रेरित होकर काम कर रही है. जनता की चुनी हुई सरकार को इस प्रकार का काम नहीं करना चाहिए जो योजना जनता के हित में हो उसे बंद नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हेमंत सोरेन की सरकार इस प्रकार के फैसले ले रही है इससे यही लगता है कि वर्तमान सरकार सिर्फ दुर्भावना से पीड़ित होकर फैसला ले रही है.
181 सेवा बंद किए जाने पर भाजपा ने उठाया सवाल, सरकार से किया फैसला वापस लेने की मांग
झारखंड सरकार के 181 सेवा बंद करने के फैसले पर भारतीय जनता पार्टी ने आपत्ति जताई है और सरकार से इस सेवा को चालू करने की मांग की है. जमशेदपुर में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह सरकार दुर्भावना से प्रेरित होकर काम कर रही है.
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भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाडंगी ने कहा है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की योजना बंद करने से समस्या उत्पन्न होगी. एक तो सौ से ज्यादा आदिवासी भाई-बहन बेरोजगार होंगे और जिसमें खासकर माहिलाओ की संख्या अधिक है, दूसरी ओर कोविड-19 के समय इस सेवा का काफी लाभ लोगों को हो रहा था. खासकर प्रवासी मजदूर इस सेवा का लाभ ले रहे थे. उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे फैसले लेने के पूर्व पहले विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार से भारतीय जनता पार्टी मांग करती है कि सरकार ऐसे फैसले को वापस ले और जब तक उन लोगों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती है तब तक इस प्रकार का फैसला न लें.