शिमला: हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान आईजीएमसी अस्पताल शिमला व कांगड़ा के डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल टांडा में आगामी छह महीनों में रोबोटिक सर्जरी शुरू की जाएगी. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस संदर्भ में अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं. स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की मीटिंग में सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू कहा कि अगले छह माह में आईजीएमसी शिमला और मेडिकल कॉलेज टांडा में पायलट आधार पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जाएगी. इस संबंध में शीघ्र ही डॉक्टर्स व अन्य स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा.
मीटिंग में सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव की तरफ से विभिन्न श्रेणियों की आवश्यक रोबोटिक सर्जरी शुरू करने के लिए चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों की संख्या को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है. मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं देने के प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में रोबोटिक सर्जरी की पहल की जा रही है. इससे जनता के समय और धन की बचत होगी.
उन्होंने कहा कि राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक स्वास्थ्य संस्थान को आदर्श स्वास्थ्य संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा. उन स्वास्थ्य संस्थानों में 134 प्रकार के मेडिकल टैस्ट, विशेषज्ञ चिकित्सक और चिकित्सा कर्मचारी, नवीनतम अत्याधुनिक एमआरआई, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और डिजिटल एक्स-रे की सुविधा दी जाएगी. सीएम ने कहा कि इससे स्थानीय लोगों की जिला अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी.