नई दिल्ली:इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन का मानना है कि विराट कोहली जैसा रौबदार व्यक्तित्व वाला इंसान कप्तानी साझा करने पर सहज महसूस नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि हर फॉर्मेट के लिए अलग अलग कप्तान नियुक्त करने की रणनीति भारत में नहीं चल पाएगी.
'भारत में कारगर नहीं हर फॉर्मेट के लिए अलग कप्तान'
हुसैन से पूछा गया कि क्या भारत में हर फॉर्मेट के लिए अलग कप्तान रखने की रणनीति कारगर साबित होगी, तो वह इसको लेकर आश्वस्त नहीं लगे.
हुसैन ने पोडकास्ट में कहा, "यह आपके चरित्र पर निर्भर करता है. विराट (कोहली) रौबदार चरित्र के इंसान हैं और उनके लिए कप्तानी किसी और को सौंपना मुश्किल होगा. वह कुछ भी सौंपना नहीं चाहेंगे. दूसरी तरफ इंग्लैंड में हमारे पास इयोन मोर्गन और जो रूट के रूप में दो एक जैसे चरित्र के कप्तान हैं."
हर फॉर्मेट के लिए अलग कोच रखने पर सहमत नासिर हुसैन उन्होंने हालांकि हर फॉर्मेट के लिए अलग कोच रखने पर सहमति जताई. हुसैन ने कहा, "कोचों के पास करने के लिए बहुत कुछ होता है, फिर चाहे फॉर्मेट के हिसाब से अलग कोच क्यों न हो उनके पास काफी काम होता है. मैं बस केवल आपको एक नया विचार दे रहा हूं जैसे कि ट्रेवर बेलिस एक उदाहरण है."
उन्होंने कहा, "बेलिस ने सीमित ओवरों की क्रिकेट में इंग्लैंड के लिए अच्छा काम किया लेकिन हम टेस्ट मैचों में वैसा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं. इसलिए दो अलग अलग कोच रखना सही होगा."
नासिर हुसैन ने भारतीय टीम की चयन समिति पर उठाए सवाल
इसके साथ ही हुसैन का मानना है कि भारतीय टीम प्रबंधन अक्सर चयन को लेकर गड़बड़ी करता है जैसा कि उन्होंने पिछले साल वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ किया. उन्होंने कहा, "चयन में उन्होंने (भारतीय टीम प्रबंधन) ने अच्छा काम नहीं किया. इतने बेहतरीन बल्लेबाज होने के बावजूद वे नंबर-4 के लिए अच्छा बल्लेबाज नहीं ढूंढ पाए."
चयन को लेकर हुसैन के विचारों का भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भी समर्थन किया और वह जानना चाहते हैं कि रवि शास्त्री की अगुआई वाला वर्तमान भारतीय कोचिंग स्टाफ भिन्न मानसिकता वाले खिलाड़ियों से कैसे निबट रहा है.