कोंडागांव: कोंडागांव: मानव जीवन का उद्देश्य है अपने तन, मन और वचन से लोगों की मदद करना. खुद खुश रहना और औरों को भी खुशियां बांटना. कुछ ऐसा ही कर रहे हैं एक समाजसेवी संस्था के युवा. 5 युवाओं की ये टोली किसी न किसी की जिंदगी में मुस्कान बन कर पहुंचती है. ये सभी पिछले 2 साल से मानसिक तौर पर कमजोर लोगों को इलाज पहुंचाने में मदद कर रहे हैं. इतना ही नहीं ये ऐसे लोगों को उनके परिवारवालों से भी मिलवा रहे हैं.
अक्सर हर शहर-गांव के चौक-चौराहों में मानसिक रोगी घूमते नजर आते रहे हैं, जो सर्दी, गर्मी, बारिश की मार सहते हुए इधर-उधर भटकते रहते हैं. इनके लिए कोई विशेष सुविधा नहीं की गई है, जिससे इनके जीवन में कोई सुधार आ सके. इस सबको देखते हुए इन युवाओं ने मानसिक रोगियों को ढूंढ़ कर उनके जीवन में नया सवेरा लाने की कोशिश की.
सेंदरी में संचालित है मानसिक सुधार गृह
समाजसेवी संस्था में काम करने वाले ये युवा बताते हैं कि वे शहर में विक्षिप्तों की तलाश करते हैं. इन्हें जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन के सहयोग से मानसिक रोग उपचार केंद्र भेजा जाता है. ये सेंटर बिलासपुर के सेंदरी में स्थित है. ये पांचों युवा कोंडागांव के रहने वाले हैं, जिनका नाम मोहम्मद शकील सिद्दीकी, यतींद्र छोटू सलाम, भोला गौरव ठाकुर, अतुन ठाकुर, पवन ठाकुर शामिल हैं.