कवर्धा : हाथियों की चहलकदमी जिले मे एक और नई मुसीबत बनके समने आ रही है. हाथियों का दल जिले में दाखिल होकर लगातार आगे बढ़ रहा (Elephants terror in Kawardha) है. आने वाले समय में बड़ी मुसीबत साबित हो सकती है. क्योंकि जिले के ज्यादातर बैगा आदिवासी वनांचलों मे निवास करते है.जिन्हें हाथी नुकसान पहुंचा रहे हैं.
कवर्धा में हाथियों का उत्पात,रिहायशी इलाके की ओर बढ़ा खतरा - Elephant team came from MP in Kawardha
कवर्धा में एक बार फिर हाथियों की दहशत देखने को मिली है. इस बार हाथी रिहायशी इलाके की ओर बढ़ गए (Elephants terror in Kawardha) हैं.

कहां दाखिल हुए हैं हाथी :दरअसल जिले से लगे पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश की ओर से सोमवार रात 6 हाथियों का दल कवर्धा जिले के बोड़ला ब्लॉक के बाकी गांव से जिले में दाखिल हुआ (Elephant team came from MP in Kawardha) था. अब हाथियों का दल लगातार भोजन की तलाश मे आगे बढ़ रहा है. छत्तीसगढ़ सीमा मे लगभग 30 किलोमीटर अंदर घुस कर लरबक्की गांव तक पहुंच चुका (Panic of elephants in Kawardha Bodla) है. वही गांव के एक मकान में तोड़फोड़ कर मकान के अंदर रखे अनाज को खाकर रिहाइशी इलाके की ओर आगे बढ़ गए हैं.जिससे ग्रामीण दहशत में है.
क्या है अधिकारियों का बयान :जंगली हाथियों ने रविवार रात मध्यप्रदेश के फिटरी गांव में भोजन के लिए चार से अधिक मकानों मे तोड़फोड़ की थी. आधी रात ग्रामीणों ने अपने घर से जंगल की ओर भाग कर जान बचाई थी. वन मंडल अधिकारी चुंडामडी़ सिंह ने बताया कि ''जंगली हाथियों का दल बोड़ला ब्लॉक के लरबक्की तक पहुंच चुका है.गांव के एक कच्चे मकान को तोड़कर अनाज भी खाया है, वन अमला लगातार हाथियों की निगरानी कर रही है, जल्द ही हाथी वापस मध्यप्रदेश की ओर लौट जाएंगे.''