जयपुर. अक्षय तृतीया के अवसर पर राजधानी के आमेर में तुलसी-शालिग्राम का विवाह महोत्सव आयोजित किया गया. आमेर के मेहंदी का बास स्थित मंदिर ठाकुर सीताराम में सामूहिक माता तुलसी संघ शालिग्राम भगवान का विवाह बड़े धूमधाम से हुआ. 11 स्थान से पधारे दूल्हे शालिग्राम गिरधारी जी मंदिर गांधी चौक आमेर से बारात सज कर मंदिर ठाकुर सीताराम जी के दरबार में पहुंची. बारात में बैंड बाजे की धुन पर नाचती-गाती महिलाएं शामिल हुई.
मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि 11 स्थानों से दूल्हे शालिग्राम बारात लेकर पहुंचे. बारात गांधी चौक से सजकर ठाकुर सीताराम जी मंदिर पहुंची. दुल्हन के परिजनों ने पुष्प वर्षा करके बारातियों का स्वागत किया. शालिग्राम तुलसी के विवाह को लेकर सभी में काफी उत्साह देखने को मिला. महिलाओं ने मंगल गीत गए. वैदिक मंत्रोचार के साथ 7 फेरे लेकर तुलसी शालिग्राम का विवाह संपन्न हुआ. सैकड़ों की संख्या में लोग तुलसी शालिग्राम विवाह के साक्षी बने. इस मौके पर सभी भक्तजनों को बाल विवाह नहीं करने की शपथ भी दिलाई गई.
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कन्यादान का बड़ा महत्व:राधा गोपीनाथ मंदिर सराय बावडी के पुजारी विकास कुमार शर्मा ने कहा कि विवाह समारोह के दौरान हवन यज्ञ का आयोजन भी किया गया. जिसमें अनेक लोगों ने आहूतियां दी. विवाह में अनेक गाायक कलाकारों ने अपने गायन से दर्शकों का खूब मन मोहा. विवाह कार्यक्रम के बाद प्रसादी का आयोजन किया गया. समाज में कन्यादान का बहुत ही महत्व है. प्रत्येक व्यक्ति को कन्यादान में अवश्य शामिल होना चाहिए.