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रुद्रप्रयाग: अलकनंदा-मंदाकिनी के संगम स्थल का होगा कायाकल्प, 1.2 करोड़ का बजट स्वीकृत - Kedarnath reconstruction work

साल 2019 में तत्कालीन डीएम मंगेश घिल्डियाल के निर्देश पर सिंचाई विभाग रुद्रप्रयाग ने 82 लाख का ड्राफ्ट तैयार कर शासन को भेजा था, मगर इस दौरान इसको कोई स्वीकृति नहीं मिल सकी थी. जिसके बाद अब संगम स्थली के सौन्दर्यीकरण को लेकर शासन स्तर से 1 करोड़ 2 लाख के बजट की स्वीकृति मिली है.

Alaknanda-Mandakini ghat construction work star
अलकनंदा-मंदाकिनी के संगम स्थल का होगा कायाकल्प.
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Published : Jan 15, 2022, 6:57 AM IST

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ आपदा के साढ़े सात साल गुजर जाने के बाद अकलनंदा-मंदाकिनी के पावन संगम स्थल पर सौन्दर्यीकरण का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. शासन स्तर से स्वीकृत एक करोड़ दो लाख की धनराशि में संगम स्थल को भव्य स्वरूप दिया जाएगा. इसके निर्माण से जहां स्थानीय लोगों केे साथ ही पर्यटकों को हो रही समस्याएं दूर होंगी. वहीं, पर्यटन व तीर्थाटन को भी बढ़ावा मिलेगा. निर्माणदायी संस्था ने समस्त औपचारितकताएं पूर्ण कर निर्माण की प्रक्रिया शुरू करवाई है.

बता दें कि जून 2013 की प्रलयकारी केदारनाथ आपदा ने संगम स्थल को तबाह कर दिया था, जिसके बाद इस स्थल का नक्शा ही बदल गया. संगम स्थल पर स्थित 15 फीट ऊंची प्राचीन नारदशिला भी केदारनाथ आपदा की भेंट चढ़ गई थी. इसके इलावा चामुंडा मंदिर की सुरक्षा दीवारों को भी नुकसान पहुंचा था, जिससे स्थानीय लोगों को गंगा आरती के साथ ही पर्यटकों को संगम स्थल पर स्नान समेत अन्य कार्यों को करने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं.

साल 2019 में तत्कालीन डीएम मंगेश घिल्डियाल के निर्देश पर सिंचाई विभाग रुद्रप्रयाग ने 82 लाख का ड्राफ्ट तैयार कर शासन को भेजा था, मगर इस दौरान इसको कोई स्वीकृति नहीं मिल सकी थी. जिसके बाद 2021 में फिर से सिंचाई विभाग ने इसके लिए रिवाइज प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा. अब जाकर गत नवम्बर माह में संगम स्थली के सौन्दर्यीकरण को लेकर शासन स्तर से 1 करोड़ 2 लाख के बजट की स्वीकृति मिली है. योजना के तहत यहां पर नदी से बिम के माध्यम से 32 मीटर लंबा एवं 8 मीटर चौड़ा गंगा आरती मंच का निर्माण, रेंलिंग का निर्माण, ट्रायल का निर्माण, चामुंडा मंदिर के आंगन का सौन्दर्यीकरण समेत कई निर्माण कार्य किए जाएंगे..

पढ़ें- बर्फबारी के बाद चांदी से चमक उठे पहाड़, देखें गंगोत्री धाम का खूबसूरत नजारा

साथ ही निर्माणदायी संस्था को शासन स्तर से निर्माण के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 80 लाख की टोकन मनी भी अवमुक्त हो चुकी है और टेंडर की समस्त औपचारिताएं पूर्ण करने के बाद ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संगम स्थली पर स्नान के साथ ही गंगा आरती करने में आ रही दिक्कतें दूर होंगी, जबकि स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी.

नगर पालिका के वार्ड सभासद सुरेन्द्र रावत ने बताया कि वर्ष 2019 में जिला प्रशासन से वार्ता के बाद सिंचाई विभाग के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कराया गया था, लेकिन स्वीकृति न मिलने से पुनः शासन को रिवाइज प्रस्ताव भिजवाकर उसे स्वीकृत करवाया गया. संगम स्थल पर निर्माण कार्य विधिवत शुरू हो गया है, जिससे अब संगम स्थली की सूरत बदल जायेगी. साथ ही गंगा आरती में आ रही दिक्कतें भी दूर हो जायेंगी। सौन्दर्यीकरण होने के बाद यहां पर पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा.

पढ़ें- हल्द्वानी अतिक्रमण मामला: HC ने नैनीताल जिलाधिकारी को अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई के दिए आदेश

वहीं, जिलाधिकारी मनुज गोयल ने कहा कि संगम स्थल पर सौन्दर्यीकरण का कार्य शुरू करवा दिया है. अब निर्माण कार्य पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता को कोई दिक्कतें नहीं होंगी. उन्होंने बताया कि संगम स्थल पर सुरक्षा निर्माण न होने से यात्रियों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ती है. साथ ही स्थानीय लोग भी परेशान रहते हैं। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य को पूरा करवाने के प्रयास किये जायेंगे.

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ आपदा के साढ़े सात साल गुजर जाने के बाद अकलनंदा-मंदाकिनी के पावन संगम स्थल पर सौन्दर्यीकरण का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. शासन स्तर से स्वीकृत एक करोड़ दो लाख की धनराशि में संगम स्थल को भव्य स्वरूप दिया जाएगा. इसके निर्माण से जहां स्थानीय लोगों केे साथ ही पर्यटकों को हो रही समस्याएं दूर होंगी. वहीं, पर्यटन व तीर्थाटन को भी बढ़ावा मिलेगा. निर्माणदायी संस्था ने समस्त औपचारितकताएं पूर्ण कर निर्माण की प्रक्रिया शुरू करवाई है.

बता दें कि जून 2013 की प्रलयकारी केदारनाथ आपदा ने संगम स्थल को तबाह कर दिया था, जिसके बाद इस स्थल का नक्शा ही बदल गया. संगम स्थल पर स्थित 15 फीट ऊंची प्राचीन नारदशिला भी केदारनाथ आपदा की भेंट चढ़ गई थी. इसके इलावा चामुंडा मंदिर की सुरक्षा दीवारों को भी नुकसान पहुंचा था, जिससे स्थानीय लोगों को गंगा आरती के साथ ही पर्यटकों को संगम स्थल पर स्नान समेत अन्य कार्यों को करने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं.

साल 2019 में तत्कालीन डीएम मंगेश घिल्डियाल के निर्देश पर सिंचाई विभाग रुद्रप्रयाग ने 82 लाख का ड्राफ्ट तैयार कर शासन को भेजा था, मगर इस दौरान इसको कोई स्वीकृति नहीं मिल सकी थी. जिसके बाद 2021 में फिर से सिंचाई विभाग ने इसके लिए रिवाइज प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा. अब जाकर गत नवम्बर माह में संगम स्थली के सौन्दर्यीकरण को लेकर शासन स्तर से 1 करोड़ 2 लाख के बजट की स्वीकृति मिली है. योजना के तहत यहां पर नदी से बिम के माध्यम से 32 मीटर लंबा एवं 8 मीटर चौड़ा गंगा आरती मंच का निर्माण, रेंलिंग का निर्माण, ट्रायल का निर्माण, चामुंडा मंदिर के आंगन का सौन्दर्यीकरण समेत कई निर्माण कार्य किए जाएंगे..

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साथ ही निर्माणदायी संस्था को शासन स्तर से निर्माण के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 80 लाख की टोकन मनी भी अवमुक्त हो चुकी है और टेंडर की समस्त औपचारिताएं पूर्ण करने के बाद ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संगम स्थली पर स्नान के साथ ही गंगा आरती करने में आ रही दिक्कतें दूर होंगी, जबकि स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी.

नगर पालिका के वार्ड सभासद सुरेन्द्र रावत ने बताया कि वर्ष 2019 में जिला प्रशासन से वार्ता के बाद सिंचाई विभाग के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कराया गया था, लेकिन स्वीकृति न मिलने से पुनः शासन को रिवाइज प्रस्ताव भिजवाकर उसे स्वीकृत करवाया गया. संगम स्थल पर निर्माण कार्य विधिवत शुरू हो गया है, जिससे अब संगम स्थली की सूरत बदल जायेगी. साथ ही गंगा आरती में आ रही दिक्कतें भी दूर हो जायेंगी। सौन्दर्यीकरण होने के बाद यहां पर पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलेगा.

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वहीं, जिलाधिकारी मनुज गोयल ने कहा कि संगम स्थल पर सौन्दर्यीकरण का कार्य शुरू करवा दिया है. अब निर्माण कार्य पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय जनता को कोई दिक्कतें नहीं होंगी. उन्होंने बताया कि संगम स्थल पर सुरक्षा निर्माण न होने से यात्रियों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ती है. साथ ही स्थानीय लोग भी परेशान रहते हैं। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य को पूरा करवाने के प्रयास किये जायेंगे.

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