पौड़ी: भाजपा प्रत्याशी राजकुमार पोरी ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मिले 40 हजार रुपए की आर्थिक सहायता ली. सोशल मीडिया पर जारी की गई एक लिस्ट में पौड़ी भाजपा प्रत्याशी राजकुमार पोरी का भी नाम सामने आया है. यह लिस्ट साल 2018-19 की है. जिसमें मुख्यमंत्री राहत कोष से गरीब और जरूरत मंदों को आर्थिक सहायता राशि के रूप में धनराशि दी गयी है.
हैरत की बात है कि अन्य जरूरत मंदों को महज 10-10 हजार रुपए जारी हुए, लेकिन भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष और पौड़ी सीट के प्रत्याशी राजकुमार पोरी को 40 हजार की आर्थिक सहायता मुहैया कराई गयी. इस लिस्ट को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर जारी किया है. जो कि इन दिनों खूब वायरल हो रहा है.
भाजपा प्रत्याशी राजकुमार पोरी ने मुख्यमंत्री राहत कोष से 40 हजार की आर्थिक सहायता ली. इस जानकारी को कांग्रेस नेता मोहित सिंह ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है. वहीं, पोरी ने अपनी सफाई में कहा कि वो गरीब और निर्धन हैं, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष से पैसे लिए हैं. जबकि 2022 में निर्वाचन आयोग को दिए गए नामांकन पत्र में उन्होंने अपनी संपत्ति 25 लाख 24 हजार 958 रुपये दिखायी है.
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लिस्ट वायरल होने पर कांग्रेसियों ने तत्कालीन त्रिवेंद्र सरकार पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है. साथ ही अपने चहेतों को आर्थिक सहायता के नाम पर पैसों की बंदरबांट का भी आरोप लगाया है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मानें तो लिस्ट में केवल भाजपा के चहेते राजकुमार पोरी को ही सबसे अधिक 40 हजार की राशि दी गयी है. जबकि अन्य लोगों को महज 10 -10 हजार रुपये ही दिए गए हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल मुख्यमंत्री राहत कोष की लिस्ट में सबसे अधिक आर्थिक सहायता लेने के मामले में पोरी का नाम सबसे ऊपर है. राजकुमार पोरी की इस कारगुजारी पर कांग्रेस ने हमला बोला है. कांग्रेस ने कहा जिस तरह से बिना किसी पद के राजकुमार पोरी सरकारी पैसे को अपने निजी खर्चे के रूप में व्यय कर रहे थे, उससे स्पष्ट है कि ये जनता का कितना अच्छा प्रतिनिधित्व करेंगे.
वहीं, भाजपा प्रत्याशी राजकुमार पोरी ने आर्थिक सहायता लेने की बात स्वीकार की है. उनका कहना है कि मैंने मुख्यमंत्री राहत कोष से अपनी पुत्री की उच्च शिक्षा के लिए ये धनराशि व्यय की है. उन्होंने कहा कि मैं एक गरीब और निर्धन प्रत्याशी हूं. बच्चों की पढ़ाई के लिए बैंकों से भी ऋण लिया है.