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मणिपुर हिंसा के विरोध में सड़कों पर रालोद का हल्लाबोल, मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग - मणिपुर सरकार बर्खास्तगी

यूपी में राष्ट्रीय लोकदल ने मणिपुर हिंसा के विरोध में सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया. रालोद नेताओं ने मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग उठाई. राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी अफसरों को सौंपा गया.

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मणिपुर हिंसा के विरोध में सड़कों पर रालोद का विरोध प्रदर्शन
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Published : Jul 27, 2023, 8:30 PM IST

मेरठ: रालोद मुखिया जयंत चौधरी के निर्णय के बाद गुरुवार को पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मणिपुर में लगातार हो रही हिंसा और महिलाओं के साथ की गई बर्बरता को लेकर प्रदर्शन किया. जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा.

मेरठ में प्रदर्शन करते रालोद के कार्यकर्ता.
मेरठ में प्रदर्शन करते रालोद के कार्यकर्ता.

इसी कड़ी में मेरठ रालोद से जुड़े पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों, पार्टी के सिवालखास से विधायक गुलाम मोहम्मद समेत तमाम पदाधिकारी मेरठ में भी प्रदर्शन किया. पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉक्टर मेहराजुद्दीन समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा जिले की सिवालखास से विधायक गुलाम मोहम्मद भी कमिश्नरी दफ्तर के ठीक सामने पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल हुए. प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग उठी. इस मौके पर पार्टी के तमाम जिम्मेदार नेता मौजूद रहे. रालोद नेताओं ने मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग उठाई. इसके साथ राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी अफसरों को सौंपा.

अधिकारी को ज्ञापन सौंपते रालोद कार्यकर्ता.
अधिकारी को ज्ञापन सौंपते रालोद कार्यकर्ता.
ज्ञापन में सरकार की बर्खास्तगी की मांग करते हुए मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करने, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने की मांग कीगई. इसके अलावा मणिपुर में महिलाओं, आदिवासी, दलित और गरीबों का हो रहे उत्पीड़न को रोकने की मांग और हिंसा में मारे गए लोगों के लिए मुआवजा देने की मांग की. इसे भी पढ़े-अखिलेश यादव के लिए मुफीद नहीं रही गठबंधन की राजनीति, अब तक हारे सभी चुनाव, फिर गठबंधन पर दांव

पूर्व मंत्री डॉक्टर मेहराजुद्दीन ने कहा कि केन्द्र सरकार और मणिपुर सरकार इतनी बड़ी घटना के बाद चुप्पी साधे हुए हैं. मणिपुरा का सामाजिक ताना बाना पूरी तरह से छिन्न भिन्न हो चुका है. मणिपुर हिंसा की आग से पूर्वोतर राज्यों में भी स्थिति तनावपूर्ण हो गई है. रालोद के वरिष्ठ नेता राजकुमार सांगवान ने कहा कि बेहद ही अफसोस है कि मणिपुर में बढ़ रहे संवैधानिक संकट पर संसद के दोनों सदनों में कोई चर्चा तक नहीं हो रही है. जबकि मणिपुर जल रहा है. राष्ट्रपति को संज्ञान लेकर उचित एक्शन लेना ही चाहिए.



यह भी पढ़े-ससुराल वालों ने घर में नहीं दी एंट्री, 5 साल के बच्चे के साथ गेट के बाहर धरने पर बैठी बहू

मेरठ: रालोद मुखिया जयंत चौधरी के निर्णय के बाद गुरुवार को पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मणिपुर में लगातार हो रही हिंसा और महिलाओं के साथ की गई बर्बरता को लेकर प्रदर्शन किया. जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा.

मेरठ में प्रदर्शन करते रालोद के कार्यकर्ता.
मेरठ में प्रदर्शन करते रालोद के कार्यकर्ता.

इसी कड़ी में मेरठ रालोद से जुड़े पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों, पार्टी के सिवालखास से विधायक गुलाम मोहम्मद समेत तमाम पदाधिकारी मेरठ में भी प्रदर्शन किया. पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉक्टर मेहराजुद्दीन समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा जिले की सिवालखास से विधायक गुलाम मोहम्मद भी कमिश्नरी दफ्तर के ठीक सामने पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल हुए. प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग उठी. इस मौके पर पार्टी के तमाम जिम्मेदार नेता मौजूद रहे. रालोद नेताओं ने मणिपुर सरकार को बर्खास्त करने की मांग उठाई. इसके साथ राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी अफसरों को सौंपा.

अधिकारी को ज्ञापन सौंपते रालोद कार्यकर्ता.
अधिकारी को ज्ञापन सौंपते रालोद कार्यकर्ता.
ज्ञापन में सरकार की बर्खास्तगी की मांग करते हुए मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करने, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाने की मांग कीगई. इसके अलावा मणिपुर में महिलाओं, आदिवासी, दलित और गरीबों का हो रहे उत्पीड़न को रोकने की मांग और हिंसा में मारे गए लोगों के लिए मुआवजा देने की मांग की. इसे भी पढ़े-अखिलेश यादव के लिए मुफीद नहीं रही गठबंधन की राजनीति, अब तक हारे सभी चुनाव, फिर गठबंधन पर दांव

पूर्व मंत्री डॉक्टर मेहराजुद्दीन ने कहा कि केन्द्र सरकार और मणिपुर सरकार इतनी बड़ी घटना के बाद चुप्पी साधे हुए हैं. मणिपुरा का सामाजिक ताना बाना पूरी तरह से छिन्न भिन्न हो चुका है. मणिपुर हिंसा की आग से पूर्वोतर राज्यों में भी स्थिति तनावपूर्ण हो गई है. रालोद के वरिष्ठ नेता राजकुमार सांगवान ने कहा कि बेहद ही अफसोस है कि मणिपुर में बढ़ रहे संवैधानिक संकट पर संसद के दोनों सदनों में कोई चर्चा तक नहीं हो रही है. जबकि मणिपुर जल रहा है. राष्ट्रपति को संज्ञान लेकर उचित एक्शन लेना ही चाहिए.



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