मथुराः जिले में पीसीवी वैक्सीन का लाभ अब गरीब और असहाय वर्ग के बच्चों को भी मिल पाएगा. प्रदेश सरकार सभी जिलों में पीसीवी वैक्सीन स्वास्थ्य विभाग को मुहैया करा रही है. जिससे अब गरीब तबके के लोगों के बच्चों को मुफ्त में वैक्सीन मिल सकेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 10 अगस्त को इस वैक्सीन को लखनऊ से लांच करेंगे, जिसके बाद 13 अगस्त से जनपद मथुरा में स्वास्थ्य विभाग इस वैक्सीन का टीकाकरण प्रारंभ कर देगा.
क्या है पीसीवी वैक्सीन ?
पीसीवी वैक्सीन न्यूमोकोकस बैक्टीरिया से होने वाले न्यूमोनिया एवं अन्य बीमारियों से बचाव का सबसे कारगर तरीका है. इस वैक्सीन के इस्तेमाल से बच्चों में न्यूमोनिया बीमारी और बाल मृत्यु दर में कमी आती है. पीसीवी महंगी वैक्सीन है जो अभी तक केवल प्राइवेट डॉक्टर के पास ही उपलब्ध थी. प्राइवेट में पीसीवी की एक डोज की कीमत लगभग 3 से 4 हजार रुपये है.
इन जिलों में हुई है शुरुआत
भारत सरकार अब इस वैक्सीन को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत मुफ्त में उपलब्ध करा रही है. पहले चरण में 2017 में उत्तर प्रदेश के 6 जिले, बिहार के 17 जिले, हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में नियमित टीकाकरण के अंतर्गत सफलतापूर्वक शुरू किया गया था. दूसरे चरण में इस वैक्सीन को बिहार के 21 जिले, उत्तर प्रदेश के 6 जिले, राजस्थान के 9 जिले और मध्य प्रदेश के सभी जिलों में नियमित टीकाकरण के अंतर्गत शुरू किया जा रहा है.
इस क्रम में दी जाएगी वैक्सीन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजीव यादव ने बताया कि पीसीवी वैक्सीन तीन टीकों के रूप में दी जाएगी. 2 प्राइमरी टीके और एक बूस्टर, दो प्राइमरी टिके क्रमशः डेढ़ महीने और साढ़े 3 महीने की उम्र पर और बूस्टर टीका 9 महीने की उम्र दिया जाएगा. पीसीवी की पहली डोज 6 सप्ताह की उम्र पर OPV1, पेंटा 1 और अन्य निर्धारित टीकों के साथ दी जाएगी. पीसीवी वैक्सीन शरीर के दाएं मध्य जांघ के आगे एवं बाहरी भाग में 0.5ml की डोज में और इंट्रामस्कुलर तरीके से लगाया जाता है.