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गेहूं की खरीद के लिए मांगी जा रही रिश्वत, अधिकारी का इनकार

गाजियाबाद में किसानों ने आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया. वहीं इंस्पेक्टर ने सभी आरोपों से इनकार कर दिया है.

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Published : Apr 29, 2020, 6:58 PM IST

आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर पर रिश्वत लेने का आरोप
आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर पर रिश्वत लेने का आरोप

गाजियाबादः लोनी में किसानों ने आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया. जिसके बाद हड़कंप मच गया. किसानों का कहना था कि उनके गेहूं की खरीद नहीं की जा रही है. इसके एवज में 2 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है. जब रिश्वत नहीं दी गई तो गेहूं से भरे ट्रक को गोदाम के बाहर ही खड़े रहने पर मजबूर किया गया है.

गेहूं की गुणवत्ता पर जबरन सवाल उठाए जा रहे हैं और किसानों को परेशान किया जा रहा है. इस बारे में ईटीवी भारत के संवाददाता ने लोनी के खाद्य आपूर्ति इंस्पेक्टर रामचंद्र से बात की. उनका कहना है कि किसानों का आरोप गलत है और वे खराब गेहूं को बेचना चाहते हैं और जब गेहूं की खरीद नहीं की गई तो झूठे आरोप लगा रहे हैं.

आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर पर रिश्वत लेने का आरोप

सड़क पर पड़ा है गेहूं

भले ही दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलील दे रहे हो, लेकिन लोनी में सरकारी गोदाम के बाहर किसानों और सरकारी विभाग के बीच घमासान जैसी स्थिति बन गई है. किसानों का काफी गेहूं रोड पर ही पड़ा हुआ है. अगर बारिश आ गई तो यह गेहूं खराब होने का भी डर है.

किसानों ने की जांच की मांग

किसानों और सरकारी केंद्र के बीच में टकराव बढ़ रहा है. इस दौरान कुछ किसान नेता भी पहुंच गए और जांच की मांग की है. उन्होंने कहा है कि किसानों पर होने वाला अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

इस समय काफी मुश्किल से किसान गेहूं की कटाई करता है और फिर उसे सरकारी केंद्र तक पहुंचाता है. ऐसे में अगर उनका माल नहीं खरीदा जाएगा तो उन्हें बड़ा नुकसान हो जाएगा. किसानों के नेता ने कहा है कि मामले की जांच की जानी चाहिए.

गाजियाबादः लोनी में किसानों ने आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया. जिसके बाद हड़कंप मच गया. किसानों का कहना था कि उनके गेहूं की खरीद नहीं की जा रही है. इसके एवज में 2 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है. जब रिश्वत नहीं दी गई तो गेहूं से भरे ट्रक को गोदाम के बाहर ही खड़े रहने पर मजबूर किया गया है.

गेहूं की गुणवत्ता पर जबरन सवाल उठाए जा रहे हैं और किसानों को परेशान किया जा रहा है. इस बारे में ईटीवी भारत के संवाददाता ने लोनी के खाद्य आपूर्ति इंस्पेक्टर रामचंद्र से बात की. उनका कहना है कि किसानों का आरोप गलत है और वे खराब गेहूं को बेचना चाहते हैं और जब गेहूं की खरीद नहीं की गई तो झूठे आरोप लगा रहे हैं.

आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर पर रिश्वत लेने का आरोप

सड़क पर पड़ा है गेहूं

भले ही दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलील दे रहे हो, लेकिन लोनी में सरकारी गोदाम के बाहर किसानों और सरकारी विभाग के बीच घमासान जैसी स्थिति बन गई है. किसानों का काफी गेहूं रोड पर ही पड़ा हुआ है. अगर बारिश आ गई तो यह गेहूं खराब होने का भी डर है.

किसानों ने की जांच की मांग

किसानों और सरकारी केंद्र के बीच में टकराव बढ़ रहा है. इस दौरान कुछ किसान नेता भी पहुंच गए और जांच की मांग की है. उन्होंने कहा है कि किसानों पर होने वाला अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

इस समय काफी मुश्किल से किसान गेहूं की कटाई करता है और फिर उसे सरकारी केंद्र तक पहुंचाता है. ऐसे में अगर उनका माल नहीं खरीदा जाएगा तो उन्हें बड़ा नुकसान हो जाएगा. किसानों के नेता ने कहा है कि मामले की जांच की जानी चाहिए.

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