नागौर. भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से गठबंधन और NDA उम्मीदवार के तौर पर हनुमान बेनीवाल का नागौर से चुनाव लड़ने के बाद नागौर जिले का राजपूत समाज शायद अब भी कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाया. आखिरकार किस को वोट करना है. हनुमान बेनीवाल से राजपूत समाज की नाराजगी को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही दलों ने राजपूत समाज को मनाने में लगी हुई है.
भारतीय जनता पार्टी ने राजेंद्र राठौड़ के बाद अब इसकी जिम्मेदारी देने के बाद बढती नाराजगी के बाद चुनावी मैदान मे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को दी गई है. गजेंद्र सिंह शेखावत तीन दिनों से लगातार संसदीय क्षेत्र के राजपूत समाज को साधने की कोशिश में लगे हुए. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नागौर में हनुमान बेनीवाल के आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि राजपूत समाज किसी संगठन की बपौती नहीं.
शेखावत के बयान पर अब करणी सेना के संरक्षक और राजपूत नेता लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि करणी सेना एक छोटा सा संगठन है लेकिन कई बड़े आंदोलन करने के साथ बड़े काम भी किया. चाहे वो 10% आरक्षण हो या फिल्म पद्मावत को 6 राज्यों में बैन करवाना हो. कालवी ने यह भी कहा कि सर्वे में यह भी सामने आए कि मोदी को पूर्ण बहुमत नहीं मिल पा रहा है तो राजपूत जाति के नेता को देश का प्रधानमंत्री बनाया जाए.
गौरतलब है कि करणी सेना के साथ बीते दिनों कई राजपूत नेताओं के बयान सामने आ चुके और हनुमान बेनीवाल को राजपूत समाज की नाराजगी को देखते हुए नागौर संसदीय सीट पर राजपूत समाज कोई समर्थन नहीं करेगा. इसको लेकर बोलते हुए कालवी ने कहा कि नागौर संसदीय सीट पर मतदान से कालवी गांव में राजपूत समाज की बड़ी पंचायत होगी जिसमें आज निर्णय लिया जाएगा.