जयपुर. राजस्थान विश्वविद्यालय के यूजी, पीजी और शोधार्थी छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है. सीएम अशोक गहलोत ने छात्रों को सेंट्रल लाइब्रेरी की सौगात दी है (State Of Art Central Library). प्रारंभिक तौर पर इस सेंट्रल लाइब्रेरी में सभी विषयों की तकरीबन 5 हजार पुस्तकें और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को स्थापित किया जाएगा. खास बात ये है कि यहां छात्रों को पढ़ने के लिए उपयुक्त वातावरण मिलेगा. फिलहाल सेंट्रल लाइब्रेरी का भवन ही दर्शनीय है लेकिन अगले एक महीने में ये पाठकों के लिए तैयार हो जाएगी.
State Of Art सेंट्रल लाइब्रेरी: 12 करोड़ की लागत से प्रदेश के सबसे बड़े राजस्थान विश्वविद्यालय में सबसे बड़ी डिजिटल लाइब्रेरी डॉक्टर भीमराव अंबेडकर लाइब्रेरी बनाई गई है. लाइब्रेरी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए डायरेक्टर प्रोफेसर दीपा ने बताया कि इसे पुरानी लाइब्रेरी का एक्सटेंशन कहना गलत नहीं होगा. यहां कई रीडिंग रूम बनाए गए हैं. जिसमें एक बार में करीब 1000 छात्र पढ़ सकेंगे. इस लाइब्रेरी को पूरी तरह डिजिटलाइज किया गया है.
छात्र आरएफआईडी तकनीक और ओपेक सेवाओं (RFID and OPAC Services) का इस्तेमाल करेगा. जिसके चलते लाइब्रेरी में एंट्री से एग्जिट तक छात्र निगरानी में रहेगा. वहीं छात्रों की डिजायर के अनुसार ओपन वेंटिलेटेड रूम्स भी बनाए गए हैं.
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फाइनल टच अप बाकी: दीपा के मुताबिक यहां अभी इंस्ट्रक्चर पर और काम होना बाकी है. इसके लिए करीब 3 करोड़ रुपए सैंक्शन किए गए हैं. टेबल, चेयर, कंप्यूटर, कंप्यूटर सेटिंग्स और छात्रों के लिए आरएफआईडी प्रोसेस किया जा रहा है. कहती हैं- फिलहाल इसका उद्घाटन एक बड़ी चुनौती थी जिस पर पार पाया गया है. लाइब्रेरी को हाई टेक तकनीक से डिजिटलाइज किया जा रहा है इसके लिए कुछ सॉफ्टवेयर भी बाहर से मंगवाए गए हैं. एक्सपर्टीज आकर ट्रेंड भी करेंगे कि आखिर नई डिजिटल लाइब्रेरी को किस तरह से इस्तेमाल करना है. ऐसे में इसे हाईटेक लाइब्रेरी कहा जा सकता है.
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एक महीने में रीडिंग रूम स्टार्ट: जहां बुक्स स्टैक बनाया जाना था, वहां कुछ समस्या है. उसमें कुछ परिवर्तन किया गया है. अब बुक्स नीचे रखी जाएंगी और ऊपर छात्रों के पढ़ने की व्यवस्था की जाएगी. इस काम को इंजीनियर की देखरेख में व्यवस्थित किया जा रहा है. लाइब्रेरी डायरेक्टर ने स्पष्ट किया कि छात्रों के रीडिंग रूम स्टार्ट कर दिए जाएंगे और एक महीने में ये डिजिटल लाइब्रेरी अपना अंतिम रूप ले लेगी.
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