जयपुर. आमेर थाना इलाके के स्कूल में 12वीं कक्षा के छात्र के साथ शिक्षक और निदेशक ने जमकर मारपीट की थी. जब छात्र शिकायत दर्ज कराने पुलिस थाने पहुंचा तो उसे टीसी काटने की धमकी दी गई. शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे छात्र से बदला लेने की नीयत से स्कूल प्रबंधन ने (12th class student committed suicide) उसको टीसी काट के थमा दी और साथ ही आमेर के किसी भी स्कूल में एडमिशन नहीं होने देने की धमकी दी. बाद में किसी तरह एक अन्य विद्यालय में छात्र का एडमिशन हुआ.
छात्र ने नीट की तैयारी करने के चलते आमेर में ही किराए पर कमरा ले (suicide in Jaipur) लिया और पढ़ने लगा. इस दौरान उससे बदला लेने की नियत से दो बार उसपर हमला किया गया जिससे आहत होकर छात्र ने सितंबर माह में सुसाइड कर लिया. मृत छात्र के पिता खुद आरएसी में हेड कांस्टेबल होने के बावजूद इंसाफ के लिए दर-दर भटकते रहे लेकिन पुलिस ने उनकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की. आला अधिकारियों के सामने भी उन्होंने इंसाफ की गुहार लगाई लेकि सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद कोर्ट की दखल के बाद आमेर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया.
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बेटा तो चला गया बस अब इंसाफ की आस
आरएसी में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात मुरलीधर ने आमेर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है. मुरलीधर ने बताया कि उनका 18 वर्षीय बेटा शेर सिंह सेंट एकेडमी आमेर में 12वीं कक्षा में बायो का (Student Suicide on school harassment) छात्र था. अप्रैल 2022 में स्कूल से छुट्टी होने के बाद छात्रों द्वारा शोर मचाया जा रहा था और जब शेर सिंह स्कूल से बाहर निकल रहा था तो उसे स्कूल के अध्यापक सीपी सोनी ने पकड़ लिया.
सीपी सोनी ने शेर सिंह को लात-घूसों से पीटा और और मारते हुए निदेशक पवन गुप्ता के केबिन में ले गया. वहां पर सीपी सोनी व पवन गुप्ता ने मिलकर शेर सिंह के साथ मारपीट की. जब शेर सिंह ने दोनों से माफी मांगी तब जाकर उसे छोड़ा. मारपीट से आहत शेर सिंह शिकायत दर्ज कराने आमेर थाने पहुंचा जिसकी जानकारी मिलते ही सीपी सोनी और पवन गुप्ता नाराज हो गए.
इसके बाद मुरलीधर ने भी शेर सिंह को समझाया और साथ ही स्कूल जाकर खुद सीपी सोनी व पवन गुप्ता से माफी मांगकर बच्चे का भविष्य खराब नहीं करनी की अपील की. इसके बावजूद जुलाई माह में शेर सिंह की टीसी काट कर उसे थमा दी गई. साथ ही आमेर के किसी भी स्कूल में एडमिशन नहीं होने देने की धमकी दी. काफी मिन्नतों के बाद रामगढ़ मोड़ स्थित एक स्कूल में शेर सिंह का एडमिशन करवाया गया और नीट की तैयारी के लिए कोचिंग ज्वाइन करवाई गई.
आमेर क्षेत्र में ही शेर सिंह किराए का कमरा लेकर रहने लगा. वह नीट की तैयारी कर रहा था लेकिन सीपी सोनी व पवन गुप्ता ने उसका पीछा करना नहीं छोड़ा. आरोप है कि सितंबर माह में स्कूल के कुछ सीनियर छात्रों को कमरे भेज कर उसकी पिटाई कराई गई. इससे आहत होकर शेर सिंह ने 22 सितंबर को सुसाइड कर लिया. बेटे की मौत से स्तब्ध मुरलीधर ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आमेर थाने के कई चक्कर काटे लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई. यहां तक कि पुलिस के आला अधिकारियों के सामने गुहार लगाने के बावजूद उसकी सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद मुरलीधर ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट की दखलंदाजी के बाद आमेर थाने में सीपी सोनी, पवन गुप्ता और सी मुकदमा दर्ज किया गया. आमेर थाने में सीपी सोनी, पवन गुप्ता और अभिषेक जागा नाम के आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
दसवीं कक्षा में आए थे 89.68% अंक
मुरलीधर ने बताया कि उनका बेटा शेर सिंह पढ़ने में काफी होनहार था जिसने दसवीं बोर्ड परीक्षा में 89.68% अंक हासिल किए थे. पढ़ने में होशियार होने के चलते ही उसे नीट की कोचिंग भी ज्वाइन करवाई थी लेकिन सीपी सोनी व पवन गुप्ता ने शेर सिंह का भविष्य पूरी तरह से तबाह कर दिया और उसे आत्महत्या का कदम उठाना पड़ा.