चूरू. एक पिता को अपने आठ साल के मासूम बेटे को साथ लेकर दफ्तरों के यहां घन्टों बैठना पड़ रहा है. शहर की गांधी कालोनी निवासी रामकिशोर का कहना है कि मैं चाहता हूं, जो मेरे साथ हुआ वह किसी और के साथ ना हो. इसलिए दोषियों के खिलाफ कारवाई की मांग को लेकर वह अबतक जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित कई अधिकारियों के चक्कर लगा चुका है. लेकिन उसे इंसाफ की किरण नहीं दिख रही अब पुलिस अधीक्षक से मिल दोषियों के खिलाफ कानूनी कारवाई की मांग को लेकर गुहार लगाई है.
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यह था मामला
चूरू के गांधी कॉलोनी निवासी रामकिशोर ख्यालिया ने बताया कि उसके 8 साल के बेटे सचिन के पेट में दर्द होने पर वे उसे लेकर राजकीय भर्तियां अस्पताल में कार्यरत डॉ संदीप अग्रवाल के पास पहुंचे. चिकित्सक ने अपेंडिक्स का अंदेशा जताते हुए अस्पताल की बजाए बाहर से सोनोग्राफी जांच करवाने भेजा. जांच रिपोर्ट में सचिन के अपेंडिक्स होने की बात कही गई वापस चिकित्सक के पास गए तो निजी स्तर पर ऑपरेशन करवाने पर 15 हजार रुपए का चिकित्सक ने खर्च बताया बेटे की तकलीफ देखकर पिता रामकिशोर इसके लिए पहले राजी हो गया.
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पीड़ित ने बताया कि बेटे के ऑपरेशन के लिए रुपए की व्यवस्था के लिए परिचित को फोन किया तो उन्होंने दोबारा जांच करवाने और दूसरे चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी. ऐसे में बच्चे को जांच के लिए दूसरे निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर लेकर पहुंचा. जहां जांच रिपोर्ट नॉर्मल आई. यहां भी मन नहीं माना तो उसने तीसरी जगह शहर के अन्य डायग्नोस्टिक पर जांच करवाई. वहां भी रिपोर्ट नॉर्मल आई. पीड़ित का आरोप है कि जबकि बालक के पिता ने इस बीच डॉक्टर संदीप अग्रवाल को फोन किया तो उन्होंने संक्रमण फैलने का खतरा बताते हुए शीघ्र ऑपरेशन के लिए कहा.