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इंसाफ की आस में आठ साल के मासूम को लेकर अधिकारियों की चौखट पर एक पिता - चूरू डॉक्टर संदीप अग्रवाल

चूरू शहर के निवासी एक शख्स ने राजकीय अस्पताल के चिकित्सक पर गंभीर आरोप लगाए हैं. गांधी कॉलोनी निवासी रामकिशोर का कहना है कि सरकारी चिकित्सक और निजी जांच सेंटर की मिलीभगत होने के बाद भी मामले में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई कारवाई नहीं की जा रही. पीड़ित पिछले एक सप्ताह से इंसाफ के लिए अपने आठ साल के मासूम के साथ अधिकारियों के दफ्तरों की चौखट पर जा रहा है.

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Published : Sep 3, 2019, 11:05 PM IST

चूरू. एक पिता को अपने आठ साल के मासूम बेटे को साथ लेकर दफ्तरों के यहां घन्टों बैठना पड़ रहा है. शहर की गांधी कालोनी निवासी रामकिशोर का कहना है कि मैं चाहता हूं, जो मेरे साथ हुआ वह किसी और के साथ ना हो. इसलिए दोषियों के खिलाफ कारवाई की मांग को लेकर वह अबतक जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित कई अधिकारियों के चक्कर लगा चुका है. लेकिन उसे इंसाफ की किरण नहीं दिख रही अब पुलिस अधीक्षक से मिल दोषियों के खिलाफ कानूनी कारवाई की मांग को लेकर गुहार लगाई है.

इंसाफ की आस में आठ साल के मासूम को लेकर अधिकारियों की चौखट पर एक पिता

पढ़ेंः Exclusive: चिकित्सा मंत्री पहले अपनी पार्टी पर लागू करें 'हम दो हमारा एक' कानून : नेता प्रतिपक्ष

यह था मामला
चूरू के गांधी कॉलोनी निवासी रामकिशोर ख्यालिया ने बताया कि उसके 8 साल के बेटे सचिन के पेट में दर्द होने पर वे उसे लेकर राजकीय भर्तियां अस्पताल में कार्यरत डॉ संदीप अग्रवाल के पास पहुंचे. चिकित्सक ने अपेंडिक्स का अंदेशा जताते हुए अस्पताल की बजाए बाहर से सोनोग्राफी जांच करवाने भेजा. जांच रिपोर्ट में सचिन के अपेंडिक्स होने की बात कही गई वापस चिकित्सक के पास गए तो निजी स्तर पर ऑपरेशन करवाने पर 15 हजार रुपए का चिकित्सक ने खर्च बताया बेटे की तकलीफ देखकर पिता रामकिशोर इसके लिए पहले राजी हो गया.

पढ़ेंः राजस्थान में निजी वाहनों पर अब नहीं लिख सकेंगे कुछ भी, सख्त कार्रवाई के निर्देश

पीड़ित ने बताया कि बेटे के ऑपरेशन के लिए रुपए की व्यवस्था के लिए परिचित को फोन किया तो उन्होंने दोबारा जांच करवाने और दूसरे चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी. ऐसे में बच्चे को जांच के लिए दूसरे निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर लेकर पहुंचा. जहां जांच रिपोर्ट नॉर्मल आई. यहां भी मन नहीं माना तो उसने तीसरी जगह शहर के अन्य डायग्नोस्टिक पर जांच करवाई. वहां भी रिपोर्ट नॉर्मल आई. पीड़ित का आरोप है कि जबकि बालक के पिता ने इस बीच डॉक्टर संदीप अग्रवाल को फोन किया तो उन्होंने संक्रमण फैलने का खतरा बताते हुए शीघ्र ऑपरेशन के लिए कहा.

चूरू. एक पिता को अपने आठ साल के मासूम बेटे को साथ लेकर दफ्तरों के यहां घन्टों बैठना पड़ रहा है. शहर की गांधी कालोनी निवासी रामकिशोर का कहना है कि मैं चाहता हूं, जो मेरे साथ हुआ वह किसी और के साथ ना हो. इसलिए दोषियों के खिलाफ कारवाई की मांग को लेकर वह अबतक जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित कई अधिकारियों के चक्कर लगा चुका है. लेकिन उसे इंसाफ की किरण नहीं दिख रही अब पुलिस अधीक्षक से मिल दोषियों के खिलाफ कानूनी कारवाई की मांग को लेकर गुहार लगाई है.

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यह था मामला
चूरू के गांधी कॉलोनी निवासी रामकिशोर ख्यालिया ने बताया कि उसके 8 साल के बेटे सचिन के पेट में दर्द होने पर वे उसे लेकर राजकीय भर्तियां अस्पताल में कार्यरत डॉ संदीप अग्रवाल के पास पहुंचे. चिकित्सक ने अपेंडिक्स का अंदेशा जताते हुए अस्पताल की बजाए बाहर से सोनोग्राफी जांच करवाने भेजा. जांच रिपोर्ट में सचिन के अपेंडिक्स होने की बात कही गई वापस चिकित्सक के पास गए तो निजी स्तर पर ऑपरेशन करवाने पर 15 हजार रुपए का चिकित्सक ने खर्च बताया बेटे की तकलीफ देखकर पिता रामकिशोर इसके लिए पहले राजी हो गया.

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पीड़ित ने बताया कि बेटे के ऑपरेशन के लिए रुपए की व्यवस्था के लिए परिचित को फोन किया तो उन्होंने दोबारा जांच करवाने और दूसरे चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी. ऐसे में बच्चे को जांच के लिए दूसरे निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर लेकर पहुंचा. जहां जांच रिपोर्ट नॉर्मल आई. यहां भी मन नहीं माना तो उसने तीसरी जगह शहर के अन्य डायग्नोस्टिक पर जांच करवाई. वहां भी रिपोर्ट नॉर्मल आई. पीड़ित का आरोप है कि जबकि बालक के पिता ने इस बीच डॉक्टर संदीप अग्रवाल को फोन किया तो उन्होंने संक्रमण फैलने का खतरा बताते हुए शीघ्र ऑपरेशन के लिए कहा.

Intro:चूरू_महज चंद कागज के नोटो की खतिर मासूम के ऑपरेशन की तैयारी करने वाले सरकारी चिकित्सक और निजी जांच सेंटर की मिलीभगत का खुलासा होने के बाद भी मामले में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अभी तक कोई कारवाई नही की गई.पीड़ित पिता अब पिछले एक सप्ताह से इंसाफ के लिए अपने आठ साल के मासूम के साथ अधिकारियों के दफ्तरों की चौखट पर जा रहा है।


Body:चूरू कैसी विडंबना है ये यहां इंसाफ के लिए अधिकारियों के द्वारे द्वारे एक पिता को अपने आठ साल के मासूम बेटे को साथ लेकर दफ्तरों के यहां घन्टो बैठना पड़ रहा है. शहर की गांधी कालोनी निवासी रामकिशोर का कहना है कि में चाहता हु जो मेरे साथ हुआ वह किसी और के साथ ना हो इसलीये दोषियो के खिलाफ कारवाई की मांग को लेकर वह अबतक जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित कई अधिकारियों के चक्कर लगा चुका है लेकिन उसे इंसाफ की किरण नही दिख रही अब पुलिस अधीक्षक से मिल दोषियो के खिलाफ कानूनी कारवाई की मांग को लेकर गुहार लगाई है।


Conclusion:यह था मामला


चूरू के गांधी कॉलोनी निवासी रामकिशोर ख्यालिया ने बताया कि उसके 8 साल के बेटे सचिन के पेट में दर्द होने पर वह राजकीय भर्तियां अस्पताल में कार्यरत डॉ संदीप अग्रवाल के पास अस्पताल पहुंचे चिकित्सक ने अपेंडिक्स का अंदेशा जताते हुए अस्पताल की बजाएं बाहर से सोनोग्राफी जांच करवाने भेजा. जांच रिपोर्ट में सचिन के अपेंडिक्स होने की बात कही गई वापस चिकित्सक के पास गए तो निजी स्तर पर ऑपरेशन करवाने पर 15 हजार रुपए का चिकित्सक ने खर्च बताया बेटे की तकलीफ देखकर पिता रामकिशोर इसके लिए पहले राजी हो गया पीड़ित ने बताया कि बेटे के ऑपरेशन के लिए रुपए की व्यवस्था के लिए परिचित को फोन किया इस पर परिचितों ने उसे दोबारा जांच करवाने की सलाह दी और दूसरे चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी. पीड़ित बच्चे को जांच के लिए दूसरे निजी डायग्नोस्टिक सेंटर पर लेकर पहुंचा यहां पर जांच रिपोर्ट नॉर्मल आई यहां भी 8 साल के बेटे के पिता का मन नहीं माना तो उसने तीसरी जगह जांच शहर के अन्य डायग्नोस्टिक पर करवाई वहां भी रिपोर्ट नॉर्मल आई बालक के पिता ने इस बीच डॉक्टर संदीप अग्रवाल को फोन किया तो उन्होंने संक्रमण फैलने का खतरा बताते हुए शीघ्र ऑपरेशन के लिए कहा।
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