बाड़मेर. जिले में कोविड-19 की दूसरी लहर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बार कोरोना शहर के साथ ही गांवों में दस्तक दे चुका है. जिले के करीब 2000 गांव कोरोना की चपेट में आ गए हैं. वहीं, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को नियंत्रित करने संभावित कोविड संक्रमितों को चिन्हित करने और उन्हें प्रारंभिक लक्षणों पर ही बेहतर चिकित्सकीय उपचार देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तरीय कोर कमेटी को सौंपे कार्यों के निरीक्षण और भौतिक सत्यापन के लिए जिला कलेक्टर लोकबंधु के नेतृत्व में 45 प्रशासनिक अधिकारी गांव के रण में उतर गए हैं.
जिला कलेक्टर लोकबंधु ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में लगातार कोविड-19 का संक्रमण बढ़ रहा है. संक्रमण की चेन को रोकने के लिए डोर टू डोर सर्वे का कार्य किया जा रहा है. इसके साथ ही ग्राम पंचायत स्तर की कोर कमेटी के कार्यों की जमीनी हकीकत को जानने के लिए 45 प्रशासनिक अधिकारियों के साथ में भी गांव में जाकर कोर कमेटी के कार्यों का भौतिक सत्यापन करने की साथ ही कोविड-19 पॉजिटिव और एलआईएल लक्षण वाले व्यक्तियों से प्रोटोकॉल के अनुसार एक निर्धारित दूरी से मिलकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली.
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उन्होंने बताया कि 45 प्रशासनिक अधिकारियों को भौतिक सत्यापन के लिए लगाया गया है और जिले की 679 पंचायतों को इन सब अधिकारियों में बाटा गया है. उन्होंने बताया कि प्रत्येक अधिकारी की ओर से हर रोज 2-3 पंचायतों का दौरा कर डोर टू डोर सर्वे का भौतिक सत्यापन करने के साथ वहां के सरपंच के साथ अन्य लोगों से मिलकर वहां की स्थिति के बारे में जानकारी भी जुटाई जा रही है.
जिसके बाद यह टीम प्रत्येक दिन फीडबैक देती है. जिसके आधार पर संबंधित उपखंड अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि आगामी कुछ दिनों में यह काम पूरा हो जाएगा. साथ ही बताया कि जिले में सर्वे का काम अच्छा चल रहा है. हालांकि कुछ जगह शिकायतें मिली थी. उसको लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं.