अजमेर. ग्राम पंचायतों में हुए परिसीमन को लेकर पुष्कर विधायक सुरेश सिंह रावत ने बीजेपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ अजमेर पहुंचकर, जिला मुख्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया. रावत का आरोप है कि ग्राम पंचायतों का परिसीमन अधिकारियों ने कांग्रेस के इशारे पर किया है. ऐसे में उन्होंने मांग की है कि क्षेत्र में दोबारा से परिसीमन होना चाहिए.
गुरुवार को संभागीय आयुक्त कलेक्टर और जिला स्तरीय अधिकारी जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में व्यस्त थे. वहीं बाहर बीजेपी विधायक सुरेश सिंह रावत भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन कर रहे थे. कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर भाजपाई कार्यकर्ता पुलिस द्वारा रोकने के बावजूद कलेक्ट्रेट में घुस गए. जहां उन्होंने राज्य सरकार और कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
प्रदर्शन करते हुए भाजपाई कार्यकर्ता राजीव गांधी सेवा केंद्र पहुंचे. जहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जारी थी. बीजेपी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन को देखते हुए अधिकारियों के भी हाथ पैर फूल गए. आनन-फानन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उठकर एडीएम सिटी सुरेश सिंधी ने प्रदर्शन कर रहे भाजपा विधायक सुरेश सिंह रावत से बाहर आकर मुलाकात की और उनकी बात सुनी. तब जाकर मामला शांत हुआ.
पढ़ेंः स्पेशल: रियासत काल की शान कही जाने वाली 'जैत सागर झील' अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही, विकास की दरकार
पुष्कर से भाजपा विधायक सुरेश सिंह रावत ने ग्राम पंचायतों के परिसीमन को लेकर धांधली का भी आरोप लगाया. उनका कहना है कि परिसीमन के बाद आपत्ति के लिए जिला प्रशासन ने ना तो जनप्रतिनिधियों को कोई जानकारी दी और ना ही मीडिया में इसके बारे में खबरें प्रकाशित करवाई गई.
रावत का आरोप है कि कांग्रेस ने नैतिकता के आधार पर अपनी हार मान ली है. यही वजह है कि अपने हिसाब से ही कांग्रेस ने ग्राम पंचायतों का परिसीमन करवाया है. उन्होंने बताया कि जिन गांव में भाजपा समर्थित मतदाता हैं. उन गांव को एक बार बना दिया गया है, जबकि कांग्रेस समर्थित गांव को अलग-अलग करके वार्ड बनाए गए हैं.
पढ़ेंः 1 रुपए किलो गेहूं और पालनहार जैसी तमाम योजनाओं की फीड बैक ले रहे गहलोत, शुरू किए सीधा संवाद
उन्होंने बताया कि परिसीमन में हुई धांधली को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त को भी शिकायत की गई है. रावत ने मांग की है कि पुष्कर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के वार्डों का दोबारा से परिसीमन करवाया जाए. जिले में ग्राम पंचायतों के चुनाव को लेकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही अब सक्रिय होने लगी है. बीजेपी जहां परिसीमन को मुद्दा बना रही है. वहीं कांग्रेस राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के आधार पर ग्राम पंचायतों के चुनाव की वैतरणी को पार करने के प्रति आशान्वित है.