जोधपुर . भारतीय वायुसेना के मिराज फाइटर मंगलवार तड़के जब पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकियों के ठिकाने ध्वस्त करने गए तो भारत की पश्चिमी सीमा पर पेट्रोलिंग के लिए जोधपुर एयरबेस से सुखोई उड़े. उन्होंने किसी तरह के जवाबी हमले से निपटने के लिए कमान संभाली. वायु सेना की एयर स्ट्राइक को लेकर की गई तैयारी का यह भी एक हिस्सा था.
रक्षा सूत्रों के अनुसार अगर पाकिस्तान जवाबी कार्रवाई करने की हिमाकत करे तो सुपर सोनिक लड़ाकू विमान सुखोई 30 उनको जवाब देने के लिए हवा में तैनात रखे गए. यही कारण था कि जोधपुर के आकाश पर मंगलवार तड़के ही तेज गर्जना के साथ सुखोई 30 लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी. लेकिन सुबह जब लोगों को वायु सेना की कार्रवाई की जानकारी मिली तो अल सुबह लड़ाकू विमानों के उड़ने की वजह भी समझ मे आ गई. रूस में निर्मित सुखोई विमान आकाश में आमने सामने की लड़ाई लड़ने में सक्षम है. यह विमान हवा से हवा में मिसाइल छोड़ने में अग्रणी है. इसके अलावा दुश्मन को छकाने में माहिर है. रक्षा सूत्रों के अनुसार 16 फरवरी को चांधन में हुए वायु शक्ति में सुखोई के साथ ही मिराज ने भी युद्धाभ्यास में भाग लेकर एक काल्पनिक ठिकानों पर निशाने लगाए थे . पुलवामा हमले के बाद हुए युद्याभ्यास के समय शायद किसी को पता नही था कि मिराज लड़ाकू विमान ही कुछ दिनों बाद पीओके में आतंकवादियों के ठिकाने नष्ट करेगा.
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