जयपुर. नववर्ष के आगमन के साथ ही शिक्षकों को अपनी उपस्थिति ऑनलाइन शाला दर्पण पोर्टल पर देनी होगी. ये प्रक्रिया बुधवार यानी कि नए साल से शुरू होगी. इस प्रक्रिया के तहत पहली बार शिक्षक अपनी उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करवाएंगे. शिक्षा विभाग की इस पहल पर शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि शिक्षक दिन में कभी भी अपनी उपस्थिति ऑनलाइन शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज करवा सकते है, अगर अगले दिन शिक्षक अपनी एक दिन पहले की उपस्थिति दर्ज करता है तो वो मंजूर नहीं होगी. मंत्री ने कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति से विभाग के अधिकारियों को शिक्षक की जानकारी रहेगी कि कौनसा शिक्षक कहा है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शाला दर्पण को अपडेट किया जाएगा, ताकि शिक्षक के निरक्षण की जानकारी भी उसमें आसानी से मिल सके.
इस तरह दर्ज होगी ऑनलाइन उपस्थिति
फिलहाल शिक्षकों को रजिस्टर में पहले की भांति अपनी उपस्थिति तो दर्ज करनी ही होगी. उनकी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की जिम्मेदारी संस्था प्रधान की रहेगी. संस्था प्रधान शाला दर्पण पोर्टल पर जब लॉग इन करेगा तो उसके सामने स्कूल के समस्त शिक्षक कर्मचारियों के नाम की लिस्ट खुल जाएगी. सबके सामने उपस्थिति लिखा हुआ होगा. अगर किसी शिक्षक ने उस दिन के लिए पहले ही अवकाश के लिए आवेदन कर रखा है, तो उस शिक्षक के सामने अवकाश लिखा होगा. संस्था प्रधान को केवल अनुपस्थित शिक्षक के सामने अनुपस्थित लिखना होगा, यह रिपोर्ट उसको प्रतिदिन भरनी होगी.
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छुट्टी रद्द करने का कारण भी संस्था प्रधान लिखेंगे
इस पोर्टल पर स्टाफ कॉर्नर में अवकाश का ऑप्शन होगा. इस पर क्लिक करते ही अवकाश की सूची आ जाएगी. इसमें से अवकाश पर क्लिक करना होगा. इसके बाद वह कब से कब तक अवकाश लेगा, अवकाश के दिनों की कुल अवधि कितनी होगी, वह आधे दिन का अवकाश ले रहा है या पूरे दिन का. सेव करते ही एप्लीकेशन संस्था प्रधान के पास पहुंच जाएगी. संस्था प्रधान को छुट्टी रिजेक्ट करने का पर्याप्त कारण भी बताना होगा. लेकिन उधर कई शिक्षक कर्मचारी है जिन्होंने अभी तक भी शाला दर्पण पोर्टल पर रजिस्टर नहीं किया है. जिसके चलते कल से वे अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने में असमर्थ रहेंगे. इंटीग्रेटेड शाला दर्पण पोर्टल पर दी जा रही जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग में 4,22,047 कर्मचारी है. इनमें से साढ़े तीन से चार लाख शिक्षक ही रजिस्टर्ड है.