जयपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने अशोक नगर थाना पुलिस की ओर से संज्ञेय अपराध की सूचना पर भी एफआईआर दर्ज नहीं करने पर मुख्य सचिव, डीजीपी, एडीजी क्राइम, पुलिस कमिश्नर और पुलिस उपायुक्त सहित अशोक नगर थानाधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह ने यह आदेश कैलाश चंद मीणा की याचिका पर दिए.
याचिका में अधिवक्ता अनिल उपमन ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने महिलाओं को थाने बुलाकर उनके बयान दर्ज करने को लेकर एसीबी के उपाधीक्षक सचिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए गत 16 नवंबर को अशोक नगर थाना पुलिस को सूचना दी थी. थानाधिकारी की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं करने पर याचिकाकर्ता ने डीसीपी साउथ को भी सूचना दी, लेकिन उन्होंने भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की.
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याचिका में कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न आदेशों और पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 31 के तहत संज्ञेय अपराध की सूचना मिलते ही उसकी एफआईआर दर्ज करना जरूरी है. ऐसा नहीं करने पर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रावधान है. जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है.