जयपुर. प्रदेश के गुजरात से सटे जिलों में लंपी स्किन डिजीज का कहर बढ़ता जा रहा है. इसके बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्य सचिव उषा शर्मा ने प्रभावित जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित करने के साथ कलेक्टर को दी 8 लाख की दवा खरीद करने की पावर (Lumpy disease medicine buying power to collectors) है. ताकि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सके.
सीएस ने दिए यह निर्देश: मुख्य सचिव उषा शर्मा ने प्रदेश के पश्चिमी जिलों की गायों में फैल रही लंपी स्किन डिजीज को लेकर समीक्षा की. समीक्षा बैठक में सीएस ने लंपी स्किन डिजीज रोकथाम के संबंध में पशुपालन विभाग के स्तर से की जा रही कार्रवाई के सम्बन्ध में रिपोर्ट ली. बैठक में जिला बाड़मेर, जालौर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, सिरोही, श्रीगंगानगर, नागौर एवं पाली के जिला कलक्टर एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों से विडियो कॉन्फेन्स के माध्यम से जिलो में उपलब्ध औषधियों, कार्मिकों, वाहन की उपलब्धता और औषधियों के खरीद करने के लिए बजट की उपलब्धता की समीक्षा की.
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इन जिलों में आवश्यकतानुसार बजट औषधियां और नजदीकी जिलों से पशु चिकित्सा अधिकारियों एवं पशुधन सहायकों के दलों का गठन कर रोग प्रभावित जिलों में भिजवाने के निर्देश दिये गये. इस संबंध में शासन सचिव, पशुपालन विभाग पीसी किशन ने आश्वस्त किया कि वे इस व्यवस्था के लिये निर्देश जारी कर रोग प्रकोप की रोकथाम की व्यवस्था करेंगे. रोग प्रभावित जिलों के लिए सम्भागीय कार्यालय अजमेर, बीकानेर और जोधपुर को 8 से 12 लाख रुपए और प्रभावित जिलों को 2 से 8 लाख रुपए का बजट औषधि खरीद करने की शक्तियों के साथ जैनरिक नाम से दवा उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में ब्राण्ड नेम से खरीद के निर्देश दिए गए. यह बजट पूर्व में जारी आवंटित आपातकालीन बजट के अतिरिक्त है.