जयपुर. देशभर में कोरोना का कहर लगातार जारी है. इसी बीच अब अनलॉक में लगातार हवा में जहर भी घुलने लगा है. वहीं प्रदेश के प्रमुख शहरों को प्रदूषण ने अपने चपेट में ले लिया है. इसका प्रमुख कारण दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को माना जा रहा है. साथ ही राजस्थान के एनसीआर क्षेत्र जो दिल्ली से सटे हुए हैं. वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार पहुंच गया है. वहीं एनसीआर में आने वाला भिवाड़ी रेड जोन में आ गया है. यहां aqi 319 पर पहुंच गया है जो दिल्ली के लगभग बराबर है. साथ ही जयपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 180 और जोधपुर में 187 दर्ज किया गया है.
पराली जलाने से भी बढ़ रहा प्रदूषण..
हरियाणा के 11 जिलों में 80 जगह, पंजाब के 16 जिलों में 319 जगह पराली जलाई जा रही है. इसके धुंए ने दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा दिया है. वहीं दिल्ली के पास होने से राजस्थान भी इसके चपेट में आ रहा है. उसके अंतर्गत लगातार प्रदूषण का स्तर भी बढ़ता जा रहा है.
जानिए प्रदेश में प्रदूषण की स्थिति...
- अजमेर 133
- अलवर 105
- भिवाड़ी 319
- कोटा 138
- जोधपुर 187
- जैसलमेर 175
ऐसे समझे खतरा..
- 0 से 50 हवा की गुणवत्ता अच्छी
- 50 से 100 हवा की गुणवत्ता ठीक
- 101 से 200 मोडरेट
- 201 से 300 हवा की गुणवत्ता खराब
- 301 से 400 सांस रोग का खतरा
प्रदूषण बढ़ने से बढ़ेगा कोरोना का खतरा..
वहीं कोरोना के बीच प्रदूषण को देखते हुए डॉ. श्याम सुंदर का कहना है कि कोरोना का सबसे ज्यादा फेफड़ों को प्रभावित करता है. ऐसे में लोगों में सांस की परेशानी बढ़ रही है. साथ ही अब प्रदूषण बढ़ने के साथ ही इन केसों में भी बढ़ोतरी होगी. डॉक्टर्स की माने तो जैसे ही फेस्टिवल आएगा. वैसे ही घरों की सफाई होगी और पटाखे भी जलाए जाएंगे. जिसकी वजह से ऐसे पेशेंट के लिए खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में इस टाइम इन पेशेंट को जगह से दूर रखें और पटाखों को ज्यादा नहीं जलाएं, क्योंकि वायु प्रदूषण बढ़ने से कोरोना के फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है.