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RTDC होटलों को घाटे से उबारने की कवायद, सराकर जल्द शुरू करेगी 'बियर ट्रेड' - आबकारी विभाग

आरटीडीसी की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए गहलोत सरकार ने अपने बजट में आरटीडीसी यूनिट्स पर शराब कारोबार को शुरू करने की घोषणा की थी. लेकिन घाटे के चलते सरकार फिर से बियर ट्रेड की घोषणा करने जा रही है.

जयपुर न्यूज, jaipur news, rajasthan news
RTDC यूनिट्स के तहत शराब कारोबार में घाटा
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Published : Mar 12, 2020, 4:02 PM IST

जयपुर. घाटे में चल रही आरटीडीसी की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए गहलोत सरकार ने अपने बजट में आरटीडीसी यूनिट्स पर शराब कारोबार को शुरू करने की घोषणा की थी. इस कारोबार से कई ना कई आरटीडीसी की आर्थिक स्थिति सुधर पाएगी. सरकार की नियत दरों पर खुले बाजार में कारोबार के लिए शराब की दुकान खोली जाएगी, जिससे बाजार में भी समानता बनी रहेगी और आरटीडीसी को भी इससे फायदा होगा.

RTDC यूनिट्स के तहत शराब कारोबार में घाटा

भारत निर्मित विदेशी शराब से संबंधित शराब की दुकानें है जिनको आबकारी विभाग द्वारा आवंटित किया जाता है. इस शराब कारोबार में आबकारी विभाग द्वारा कुछ दुकानों को आरटीडीसी के लिए रिजर्व रखा गया है. वहीं, शराब कारोबार के लिए आरटीडीसी ने भी होटल यूनिट्स पर शराब की दुकानों की डिमांड रखी है. कार्यकारी निदेशक सुभाष महरिया ने बताया कि शराब की दुकानों के लिए आरटीडीसी की होटल यूनिट्स को चिन्हित किया जा रहा है.

पढ़ेंः बिजली का आर्टिफिशिल खंभा लेकर विधानसभा पहुचे BJP विधायक, कहा- बिल मार रहे करंट

उन्होंने बताया, कि साल 2004 में आरटीडीसी द्वारा बियर ट्रेड संचालित किया गया था जिसका जबरदस्त रिस्पांस आरटीडीसी को मिला था. इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने बियर ट्रेड की घोषणा की है, ताकि आरटीडीसी की आर्थिक स्थिति सुधर सके और आरटीडीसी अपनी उधारी को चुका सके. सालों से घाटे में चल रही आरटीडीसी को अब कई सारी उम्मीदें है कि वे अपनी आर्थिक स्थिति को सुधार पाएगी.

जयपुर. घाटे में चल रही आरटीडीसी की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए गहलोत सरकार ने अपने बजट में आरटीडीसी यूनिट्स पर शराब कारोबार को शुरू करने की घोषणा की थी. इस कारोबार से कई ना कई आरटीडीसी की आर्थिक स्थिति सुधर पाएगी. सरकार की नियत दरों पर खुले बाजार में कारोबार के लिए शराब की दुकान खोली जाएगी, जिससे बाजार में भी समानता बनी रहेगी और आरटीडीसी को भी इससे फायदा होगा.

RTDC यूनिट्स के तहत शराब कारोबार में घाटा

भारत निर्मित विदेशी शराब से संबंधित शराब की दुकानें है जिनको आबकारी विभाग द्वारा आवंटित किया जाता है. इस शराब कारोबार में आबकारी विभाग द्वारा कुछ दुकानों को आरटीडीसी के लिए रिजर्व रखा गया है. वहीं, शराब कारोबार के लिए आरटीडीसी ने भी होटल यूनिट्स पर शराब की दुकानों की डिमांड रखी है. कार्यकारी निदेशक सुभाष महरिया ने बताया कि शराब की दुकानों के लिए आरटीडीसी की होटल यूनिट्स को चिन्हित किया जा रहा है.

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उन्होंने बताया, कि साल 2004 में आरटीडीसी द्वारा बियर ट्रेड संचालित किया गया था जिसका जबरदस्त रिस्पांस आरटीडीसी को मिला था. इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने बियर ट्रेड की घोषणा की है, ताकि आरटीडीसी की आर्थिक स्थिति सुधर सके और आरटीडीसी अपनी उधारी को चुका सके. सालों से घाटे में चल रही आरटीडीसी को अब कई सारी उम्मीदें है कि वे अपनी आर्थिक स्थिति को सुधार पाएगी.

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