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राज्य कर्मचारी महासंघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, कनिष्ठ सहायकों की ग्रेड पे बढ़ाने की मांग - कर्मचारी महासंघ ने सौंपा ज्ञापन

अलवर में गुरुवार को राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. साथ ही मंत्रालय सेवा के कनिष्ठ सहायकों की ग्रेड पे 2400 से 3600 करने की मांग भी की.

Employee Federation submitted memo, कर्मचारी महासंघ ने सौंपा ज्ञापन
कर्मचारी महासंघ ने सौंपा ज्ञापन
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Published : Aug 20, 2020, 8:46 PM IST

अलवर. राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने गुरुवार को जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. साथ ही मंत्रालय सेवा के कनिष्ठ सहायकों की ग्रेड पे 2400 से 3600 करने की मांग भी की. कर्मचारियों का कहना है कि यदि हमारी मांगे जल्द ही नहीं मानी गई, तो कोरोना खत्म होने के बाद बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा.

कर्मचारी महासंघ ने सौंपा ज्ञापन

राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला महामंत्री पीयूष शर्मा ने बताया कि पे ग्रेड को अपडेट करने की लंबित मांगों को पूरा करने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है. पूर्व में मंत्रालय कर्मचारियों के द्वारा प्रदेश स्तर पर आंदोलन करते हुए धरना-प्रदर्शन किया गया था. जिसके बाद सरकार से समझौता हुआ था, लेकिन सरकार उस समझौते का क्रियान्वयन आज तक नहीं कर पाई है.

पढ़ेंः भरतपुर: अंबेडकर भवन में इंदिरा रसोई के संचालन को लेकर विरोध, प्रशासन ने बदली जगह

जिसकी वजह से मंत्रालय कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है. समझौते में 1998 में कनिष्ठ लिपिक की वेतनमान 4000 से 6000 का समझौता हुआ था. जिसके आंशिक पालना ही की गई है. जिसको भी तत्कालीन सरकार ने 31 अक्टूबर 2017 के आदेश से दिनांक 1 जुलाई, 2013 से वापस ले लिया. कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाता है, तो कोरोना खत्म होने के बाद आंदोलन किया जाएगा.

अलवर. राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने गुरुवार को जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा. साथ ही मंत्रालय सेवा के कनिष्ठ सहायकों की ग्रेड पे 2400 से 3600 करने की मांग भी की. कर्मचारियों का कहना है कि यदि हमारी मांगे जल्द ही नहीं मानी गई, तो कोरोना खत्म होने के बाद बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा.

कर्मचारी महासंघ ने सौंपा ज्ञापन

राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला महामंत्री पीयूष शर्मा ने बताया कि पे ग्रेड को अपडेट करने की लंबित मांगों को पूरा करने के लिए बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है. पूर्व में मंत्रालय कर्मचारियों के द्वारा प्रदेश स्तर पर आंदोलन करते हुए धरना-प्रदर्शन किया गया था. जिसके बाद सरकार से समझौता हुआ था, लेकिन सरकार उस समझौते का क्रियान्वयन आज तक नहीं कर पाई है.

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जिसकी वजह से मंत्रालय कर्मचारियों को नुकसान हो रहा है. समझौते में 1998 में कनिष्ठ लिपिक की वेतनमान 4000 से 6000 का समझौता हुआ था. जिसके आंशिक पालना ही की गई है. जिसको भी तत्कालीन सरकार ने 31 अक्टूबर 2017 के आदेश से दिनांक 1 जुलाई, 2013 से वापस ले लिया. कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाता है, तो कोरोना खत्म होने के बाद आंदोलन किया जाएगा.

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