अलवर. स्कूलों से स्टाफ गायब रहने कि आए दिन शिकायतें मिलती हैं. ऐसे में जयपुर से अलवर आते समय संभागीय आयुक्त समित शर्मा ने अलवर के दो स्कूलों को चेक किया. इस दौरान एक स्कूल में स्टाफ गायब मिला. इस पर संभागीय आयुक्त ने स्कूल के शिक्षकों के हाजिरी रजिस्टर अपने कब्जे में लिए और जिला शिक्षा अधिकारी को अध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
जयपुर संभाग के संभागीय आयुक्त समित शर्मा को जब से अलवर का प्रभारी सचिव बनाया गया है. तब से लगातार सरकारी अधिकारी से डरे हुए हैं. बीते दिनों अपने निरीक्षण के दौरान समित शर्मा ने दौसा सरकारी अस्पताल के डॉक्टर को फटकार लगाई. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ. उन्होंने लगातार सभी सरकारी विभाग के कर्मचारी व अधिकारियों को अपने तय समय के अनुसार काम करने व बेहतर काम करने के निर्देश दे रखे हैं.
शनिवार को जयपुर से अलवर आते समय उन्होंने रास्ते में 2 स्कूलों को चेक किया. संभागीय आयुक्त समित शर्मा ने बताया कि पहले उन्होंने ढिगावडा स्कूल का निरीक्षण किया. जिसमें 4 अध्यापक अनुपस्थित मिले. स्कूल प्रधानाचार्य ने शिक्षकों के हाजिरी के रजिस्टर में खाली जगह छोड़ रखी थी. जिससे उनकी सुविधा के अनुसार वो आकर हस्ताक्षर कर सके. वहां बच्चों की पढ़ाई नहीं हो रही थी. सब अध्यापक धूप में बैठे हुए थे और भी कई तरह की अनियमितताएं मिली.
इस पर संभागीय आयुक्त ने वहां के शिक्षकों के हस्ताक्षर का रजिस्टर को अपने कब्जे में ले लिया. इसकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को दी और जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उसके कुछ दूरी पर उन्होंने महुआ खुर्द स्कूल को चेक किया. जहां अध्यापक आई कार्ड के साथ बच्चों को पढ़ा रहे थे. इसके अलावा बच्चे बास्केटबॉल व स्केटिंग जैसे गेम का अभ्यास कर रहे थे. जो सरकारी स्कूल में असंभव माना जाता है.
उन्होंने कहा कि मुझे उस जगह को देखकर आश्चर्य हुआ. मैंने देखा कि कहीं वो प्राइवेट स्कूल तो नहीं. ऐसी स्कूलों से सभी लोगों को सीखने की आवश्यकता है. क्योंकि स्कूल में जितना बेहतर वातावरण हम बच्चों के लिए देंगे. बच्चे उतना ही ज्यादा सीख पाएंगे. इसलिए बेहतर वातावरण देने की आवश्यकता है. संभागीय आयुक्त ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले कर्मचारी व अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई पर जांच पड़ताल का मतलब लोगों में डर पैदा करना नहीं है. वो अपने तय समय के हिसाब से सरकारी नियमों के अनुसार अपनी ड्यूटी करें नियमों का पूरा पालन करें.