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व्यापारियों के लिए राहत की खबर, टैक्स जमा नहीं करने वालों को मिला एक और मौका - टैक्स

व्यापार के कारोबारियों के लिए राहत की खबर है. सरकार ने बकायेदारों को टैक्स जमा करने का एक मौका दिया है. इसके तहत व्यापारियों के अलावा बिल्डर, ठेकेदारों को भी कई तरह की राहत दी गई है.

व्यापारियों के लिए राहत की खबर, Relief news for traders
टैक्स जमा नहीं करने वालों को मिला एक और मौका
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Published : Dec 21, 2019, 8:16 AM IST

अलवर. केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी लागू करने के बाद लगातार व्यापारियों की सुविधा के हिसाब से जीएसटी में बदलाव किया जा रहा है. ऐसे में व्यापारियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए अब राज्य सरकार भी आगे आई है. प्रदेश सरकार ने व्यापारियों को कई तरह की राहत दी है.

टैक्स जमा नहीं करने वालों को मिला एक और मौका

इसके तहत जो पुराने बकाया जा रहे हैं. उनको टैक्स जमा करने का एक मौका दिया गया है. अलवर जॉन के ज्वाइंट कमिश्नर बीआर बैरवा ने बताया कि अक्टूबर 2019 तक जिन व्यापारियों ने अपना घोषणापत्र पेश नहीं किया है. उसमें साल 2016-17 के व्यापारियों को 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है. इसी तरह से साल 2017-18 के व्यापारियों को 31 मार्च 2020 तक का समय टैक्स जमा करने का घोषणा पत्र जमा करने के लिए दिया गया है.

पढ़ेंः अलवर के स्थानीय सवालों का जवाब नहीं दे पाईं मंत्री ममता भूपेश, प्रेस वार्ता बीच में छोड़ा

इसके अलावा ठेकेदारों के लिए वेट 41-40 फार्म जमा करने के लिए कहा गया है. ज्वाइंट कमिश्नर ने कहा कि बिल्डरों के लिए एकमुश्त योजना के समय में भी 31 मार्च 2020 तक की बढ़ोतरी की गई है. इसके अलावा एक मुश्त योजना के तहत बकाया जीएसटी टैक्स सेल टैक्स जमा कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि आईटी इनपुट टैक्स रिटर्न मिसमैच करोड़ों अरबों रुपए की चल रही है. जिन व्यापारियों ने लंबे समय से टैक्स जमा नहीं किया है. उन लोगों को बड़ी राहत दी गई है. व्यापारियों द्वारा माल बेचने वाले वह खरीदने वाले व्यक्ति ने टैक्स दिया या नहीं दिया, इसके चलते काफी परेशानी आ रही थी.

पढ़ेंः अलवर के किशनगढ़बास में नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन

ऐसे में व्यापारी ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. तो वहीं विभाग के अधिकारी उसकी ऑडिट कर कर व्यापारी को राहत दे सकते हैं. इन बदलावों से व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

अलवर. केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी लागू करने के बाद लगातार व्यापारियों की सुविधा के हिसाब से जीएसटी में बदलाव किया जा रहा है. ऐसे में व्यापारियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए अब राज्य सरकार भी आगे आई है. प्रदेश सरकार ने व्यापारियों को कई तरह की राहत दी है.

टैक्स जमा नहीं करने वालों को मिला एक और मौका

इसके तहत जो पुराने बकाया जा रहे हैं. उनको टैक्स जमा करने का एक मौका दिया गया है. अलवर जॉन के ज्वाइंट कमिश्नर बीआर बैरवा ने बताया कि अक्टूबर 2019 तक जिन व्यापारियों ने अपना घोषणापत्र पेश नहीं किया है. उसमें साल 2016-17 के व्यापारियों को 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है. इसी तरह से साल 2017-18 के व्यापारियों को 31 मार्च 2020 तक का समय टैक्स जमा करने का घोषणा पत्र जमा करने के लिए दिया गया है.

पढ़ेंः अलवर के स्थानीय सवालों का जवाब नहीं दे पाईं मंत्री ममता भूपेश, प्रेस वार्ता बीच में छोड़ा

इसके अलावा ठेकेदारों के लिए वेट 41-40 फार्म जमा करने के लिए कहा गया है. ज्वाइंट कमिश्नर ने कहा कि बिल्डरों के लिए एकमुश्त योजना के समय में भी 31 मार्च 2020 तक की बढ़ोतरी की गई है. इसके अलावा एक मुश्त योजना के तहत बकाया जीएसटी टैक्स सेल टैक्स जमा कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि आईटी इनपुट टैक्स रिटर्न मिसमैच करोड़ों अरबों रुपए की चल रही है. जिन व्यापारियों ने लंबे समय से टैक्स जमा नहीं किया है. उन लोगों को बड़ी राहत दी गई है. व्यापारियों द्वारा माल बेचने वाले वह खरीदने वाले व्यक्ति ने टैक्स दिया या नहीं दिया, इसके चलते काफी परेशानी आ रही थी.

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ऐसे में व्यापारी ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. तो वहीं विभाग के अधिकारी उसकी ऑडिट कर कर व्यापारी को राहत दे सकते हैं. इन बदलावों से व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.

Intro:अलवर
व्यापारी का कारोबारियों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने बकायेदारों को टैक्स जमा करने का एक मौका दिया है। इसके तहत व्यापारियों के अलावा बिल्डर, ठेकेदारों को भी कई तरह की राहत दी गई है।


Body:केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी लागू करने के बाद लगातार व्यापारियों की सुविधा के हिसाब से जीएसटी में बदलाव किया जा रहा है। व्यापारियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए अब राज्य सरकार भी आगे आई है। प्रदेश सरकार ने व्यापारियों को कई तरह की राहत दी है। इसके तहत जो पुराने बकाया जा रहे हैं। उनको टैक्स जमा करने का एक मौका दिया गया है। अलवर जॉन के ज्वाइंट कमिश्नर बीआर बैरवा ने बताया कि अक्टूबर 2019 तक जिन व्यापारियों ने अपना घोषणापत्र पेश नहीं किया है। उसमें साल 2016-17 के व्यापारियों को 31 दिसंबर तक का समय दिया गया है। इसी तरह से साल 2017-18 के व्यापारियों को 31 मार्च 2020 तक का समय टैक्स जमा करने का घोषणा पत्र जमा करने के लिए दिया गया है।


Conclusion:इसके अलावा ठेकेदारों के लिए वेट 41-40 फार्म जमा करने के लिए कहा गया है। ज्वाइंट कमिश्नर ने कहा कि बिल्डरों के लिए एकमुश्त योजना के समय में भी 31 मार्च 2020 तक की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा एक मुश्त योजना के तहत बकाया जीएसटी टैक्स सेल टैक्स जमा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आईटी इनपुट टैक्स रिटर्न मिसमैच करोड़ों अरबों रुपए की चल रही है। जिन व्यापारियों ने लंबे समय से टैक्स जमा नहीं किया उन लोगों को बड़ी राहत दी गई है। व्यापारियों द्वारा माल बेचने वाले वह खरीदने वाले व्यक्ति ने टैक्स दिया या नहीं दिया इसके चलते काफी परेशानी आ रही थी। ऐसे में व्यापारी ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। तो वहीं विभाग के अधिकारी उसकी ऑडिट कर कर व्यापारी को राहत दे सकते हैं। इन बदलावों से व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


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