भोपाल। लंबे समय से अपनी पार्टी को घेरने वाले पूर्व मंत्री अजय विश्नोई बीजेपी प्रदेश मुख्यालय पहुंचे. जहां उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से बंद कमरे में चर्चा की. चर्चा के बाद अजय विश्नोई ने कहा कि, यह मुख्यालय संगठन का मंदिर है और प्रदेश अध्यक्ष के संगठन के मुखिया हैं. इसलिए हम आम तौर पर उनसे मिलते रहते हैं. उन्होंने सरकार गठन में विंध्य और महाकौशल की उपेक्षा किए जाने पर चर्चा की है.
विश्नोई ने कहा कि, वो महाकौशल और विंध्य क्षेत्र की उपेक्षा को लेकर नाराज थे. क्योंकि विंध्य और महाकौशल क्षेत्र से पर्याप्त विधायकों को इस बार मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला है. जिसके बाद से पूर्व मंत्री लगातार पत्र और ट्वीट के माध्यम से अपनी नाराजगी भी व्यक्त कर रहे. इस नाराजगी पर अजय विश्नोई का कहना है कि, उन्होंने हर मुद्दे पर सरकार के प्रतिनिधियों से चर्चा भी की है और कई लोगों को सलाह भी दी है, जो व्यक्तिगत रूप से रहती है.
'नाराजगी की अभिव्यक्ति की आजादी है'
वहीं अपनी नाराजगी पर अजय विश्नोई का कहना है कि, नाराजगी का मेरा अपना अलग नजरिया है. क्योंकि नाराजगी की अभिव्यक्ति भी मैंने अपने हिसाब से की है. लेकिन कभी पार्टी के दायरे से बाहर जाकर कुछ नहीं किया. ताकि समय के साथ उसका समाधान हो जाए. वहीं विधानसभा में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनने के सवाल पर उन्होंने कहा कि, महाकौशल और विंध्य को उचित स्थान नहीं मिला है. उसकी उपेक्षा की भरपाई करने के और भी तरीके हैं. जरुरी नहीं है कि, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद ही मिले.