शिमला: बैठक के दौरान निजी क्षेत्र की तीन बड़ी कंपनियों के साथ लगभग 1000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए एमओयू भी साइन किए गए. हिमाचल प्रदेश की एकमात्र एविएशन कंपनी स्की हिमालयाज रोपवे के साथ 500 करोड़ लागत के रोपवे, स्की रिजॉर्ट, हेली स्की, हेली टैक्सी और हेली सफारी के प्रोजेक्ट के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. मुख्यमंत्री की उपस्थिति में स्की कंपनी की ओर से मैनेजिंग डायरेक्टर अमिताभ शर्मा और हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव, पर्यटन, राम सुभग सिंह ने इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए.
बता दें कि स्की हिमालयाज और रोपवे हिमाचल के उद्यमियों द्वारा बनाई गई कंपनी है, जो स्विस कंपनी एयर जरमाट का संयुक्त उपक्रम है. इस प्रोजेक्ट के तहत यह कंपनी चांशल, कुल्लू-मनाली, लाहौल स्पीति व प्रदेश के उन जिलों में जहां बर्फ पड़ती है, वहां स्की रिजॉर्ट बनाएगी. कंपनी द्वारा चांशल एरिया में स्की सेंटर भी विकसित किया जाएगा.
समझौता ज्ञापन के तहत यह कंपनी प्रदेश में आपदा के समय प्रशासन को राहत व बचाव कार्य संचालित करने में भी मदद करेगी. कंपनी के पास इस समय एक हेलीकॉप्टर पहले से कार्यरत है और दूसरा हेलीकॉप्टर भी शीघ्र ही कंपनी के पास उपलब्ध होगा. कंपनी द्वारा कुल्लू-मनाली को इसका बेस बनाया गया है.
इस अवसर पर सत्या डेवलपर्स कंपनी के साथ आवास निर्माण क्षेत्र में 300 करोड़ से अधिक राशि के एमओयू पर भी हस्ताक्षर किए गए. यह कंपनी मध्यम वर्ग के लिए 700 से एक हजार आवास निर्मित करेगी. इसके अलावा प्योरमैजिक्स लिमिटेड कंपनी के साथ भी करीब 50 करोड़ रुपये से एक एलगे फार्मिंग एंड प्रोसेसिंग टू एक्सट्रेक्ट एस्टाएक्सएनथिन परियोजना पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए जिसके तहत इस कंपनी द्वारा शेवाल की खेती से एंटी ऑक्सीडेंट पदार्थ निकालकर इसे एंटी सेंसटाइजर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा.
इस दौरान फील्ड फ्रेश फूड कंपनी द्वारा हिमाचल प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने में अपनी गहरी रुचि दर्शाई गई. कंपनी की एक टीम अपने पूरे प्रस्ताव के साथ जल्दी ही हिमाचल आकर अधिकारियों से बैठक करेगी.
ओयो इंडिया एंड साउथ एशिया ग्रुप द्वारा हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों को और अधिक सुविधाएं देने के लिए होटल चेन के विस्तार की पेशकश की गई. कंपनी की ओर से बताया गया कि राज्य के 36 शहरों व नगरों में उनकी होटल इकाइयां व कमरे हैं और करीब 5 हजार लोगों को कंपनी द्वारा रोजगार मुहैया करवाया गया है.
मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात के दौरान ट्रांस मेटालाइट इंडिया लिमिटेड कंपनी द्वारा मंडी जिला की बल्ह घाटी में प्रस्तावित प्रदेश के सबसे बड़े हवाई अड्डे का निजी क्षेत्र में निर्माण के लिए अपनी टीम भेजकर इसकी संभावनाएं तलाशने और अपनी विशेषज्ञता व सहयोग प्रदान करने की पेशकश की गई. मुंजाल ऑटो कंपनी द्वारा प्रदेश में वाटर बॉटलिंग प्लांट लगाने के क्षेत्र में बड़े निवेश की इच्छा जताई गई. एयर वन एविऐशन कंपनी द्वारा राज्य में कृषि बागवानी व अन्य क्षेत्रों में ड्रोन टेक्नोलॉजी उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव दिया गया.
रिन्यू पावर लिमिटेड कंपनी द्वारा राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में 200 मेगावाट तक निवेश करने का प्रस्ताव दिया गया, जबकि ब्राइट स्टार्ट कॉरपोरेशन कंपनी द्वारा राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश का प्रस्ताव दिया गया. गिन्नी इंटरनेशनल लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शरद जयपुरिया ने बैठक में राज्य के कांगड़ा, मंडी व कुल्लू जिलों में बोर्डिंग स्कूल खोलने की इच्छा जताई. शीघ्र ही प्रदेश सरकार के साथ इस कंपनी के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होंगे.
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य में 85 हजार करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है और अब तक 22 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि इस वर्ष 7 से 8 नवंबर तक राज्य के धर्मशाला में पहला वैश्विक शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है और इस सम्मेलन से पहले संभावित निवेशकों तक पहुंचने के लिए राज्य सरकार देशभर में व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोड शो और इन्वेस्टर मीट कर रही है.
इस अवसर पर मुख्य सचिव बीके अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन राम सुभग सिंह, प्रधान सचिव शहरी विकास ऊर्जा व बहुद्देशीय परियोजनाएं प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू, उद्योग विभाग के निदेशक हंसराज शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे.