कुल्लू: प्रदेश में भारी बर्फबारी के बाद ऊपरी क्षेत्रों में लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही है. मौसम की मार से इन क्षेत्रों में बसे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लाहौल-स्पीति क्षेत्र की स्पीति घाटी के लोगों को सर्दियों में माइनस तापमान के बीच पीने का पानी भी आसानी से नसीब नहीं हो रहा है.
स्पीति कीलोसर पंचायत के क्याटो और हल पंचायत के मोरंग गांव को छोड़कर वहां के सभी गांव में सर्दियों के दिनों पीने के पानी की परेशान होना पड़ता है. माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तापमान में आईपीएच महकमे की ओर से लगाए गए नल जाम होने लगे हैं. ऐसे में यहां के लोगों को सर्दियों के मौसम में हैंडपंप का पानी लेने के लिए पहले 40 डिग्री सेंटीग्रेड उबला पानी हैंडपंप में डालना पड़ता है. उसके बाद हैंडपंप से लोग पानी भर पाते हैं.
वहीं, अब लोग पीने के पानी के लिए हैंडपंप में आग लगाकर गर्म करने को मजबूर है, ताकि बर्फ पिघलने के बाद उन्हें पानी मिल सके. स्पीति घाटी की पिन वैली की ऐसी ही एक तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो रही है. विपरीत परिस्थितियों के बीच इस तरह की दिक्कत स्पीति घाटी के लोगों के लिए अब आम बात हो गई है. 80 घरों की आबादी वाली लोसर पंचायत में आईपीएच के 30 हैंडपंप के साथ तीन विद्युत संचालित मोटर लगाए हैं, लेकिन इन दिनों उन्हें पहले 40 डिग्री सेंटीग्रेड उबला पानी हैंडपंप में डालना पड़ता है.
14 पंचायतों वाली स्पीति घाटी में प्रदेश सरकार ने पानी की समस्या को देखते हुए 250 हैंडपंप के साथ 56 विद्युत संचालित मोटर भी लगा रखे हैं. लोसर गांव के कर्मा, टशी और वीर सिंह ने बताया कि उनके गांव में तीस हैंडपंप के साथ दो तीन विद्युत संचालित मोटरें लगी हैं. उन्होंने बताया कि दिसंबर माह से लेकर 15 मार्च तक उन्हें माइनस तापमान के बीच 40 डिग्री तक उबला पानी हैंडपंप में डालना पड़ता है. उसके बाद ही हैंडपंप से वह पानी भर पाते हैं. उन्होंने बताया कि स्पीति के क्याटो और मोरंग गांव को छोड़कर सब जगह ऐसे ही हालात हैं.