चंडीगढ़: चंडीगढ़ पुलिस में मिसमैनेजमेंट, फर्लो और भ्रष्टाचार की वजह से कई कई घंटों की ड्यूटी से तंग आकर पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. हेड कॉन्सटेबल जगजीत सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले को कोर्ट के संज्ञान में लाया है.
अब आखिर ऐसी क्या नौबत आ गई, जो उन्हें हाई कोर्ट जाना पड़ा. इसके लिए ईटीवी भारत हरियाणा की टीम ने जगजीत सिंह से खास बातचीत की और जाना कि कैसी परेशानियों का उनको सामना करना पड़ रहा है.
20 साल से ड्यूटी कर रहा सिपाही परेशान
बता दें कि चंडीगड़ पुलिस में बतौर सिपाही भर्ती होने के बाद जगजीत सिंह 20 साल से अपनी सेवा दे रहे हैं. जो कि फिलहाल बतौर हवलदार के पद पर ट्रैफिक पुलिस में तैनात हैं. उन्होंने ईटीवी भारत से बात करते हुए बताया कि चंडीगढ़ पुलिस विभाग में बहुत भ्रष्टाचार फैल चुका है. उन्होंने कहा कि विभाग के बड़े अधिकारी छोटे सिपाहियों की तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं देते हैं.
'कानून का उल्लंघन कर करवाते हैं ड्यूटी'
उन्होंने कहा कि पुलिस में कर्मचारी की ड्यूटी बहुत लंबी होती है, जिस ओर विभाग बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है. हेड कॉन्सटेबल जगजीत सिंह ने कहा कि कागजों पर तो ऑर्डर हो जाते हैं, लेकिन विभाग में फैले भ्रष्टाचार, फर्लो और मिसमैनेजमेंट की वजह से धरातल पर काम नहीं हो पाता, जिसकी वजह से मजबूरी में उन्हें कोर्ट का रुख करना पड़ा है.
'हफ्ते-हफ्ते ड्यूटी के बाद भी नहीं मिलता आराम'
इस दौरान उन्होंने विभाग की ओर से नई तकनीक का इस्तेमाल न करने के भी आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस में नई तकनीक का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है, जिस कारण से मैन पावर का ज्यादा इस्तेमाल होता है. उन्होंने ये भी बताया कि हफ्ते-हफ्ते ड्यूटी करने के बाद भी उन्हें आराम नहीं दिया जाता. अब बस उन्हें कोर्ट से ही आखिरी उम्मीद है कि वहां उन्हें जरूर न्याय मिलेगा.