हैदराबाद : हिंदी सिनेमा में 'बाबूजी' के नाम से मशहूर अभिनेता आलोक नाथ (Alok Nath) 10 जुलाई को अपना 65वां जन्मदिन मना रहे हैं. 1956 में बिहार में जन्में आलोक ने फिल्म 'गांधी' (1982) से अपने अभिनय की शुरुआत की थी. आलोक को अधिकतर फिल्मों में 'संस्कारी पिता' के किरदार में देखा गया है, लेकिन आलोक की जिंदगी में उस वक्त भूचाल आ गया था जब उन पर मीटू आंदोलन (#metoo movement) के तहत यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे.
फिल्म 'गांधी' के बाद आलोक नाथ को 'सारांश' से लेकर मसाल जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय करते देखा गया. आलोक शुरुआती तौर पर कुछ फिल्मों में नेगेटिव किरदार में भी नजर आए थे. आलोक ने फिल्मों के साथ-साथ टीवी सीरियल में भी हाथ आजमाया.
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ऐसे बने बॉलीवुड 'बाबूजी'
आलोक नाथ ने 'हम आपके हैं कौन', 'हम साथ-साथ हैं', 'मैंने प्यार क्यों किया' और 'कभी खुशी कभी गम' में संस्कारी पिता का किरदार कर अपने अभिनय का लोहा मनवाया. इसके बाद से आलोक नाथ को बॉलीवुड में 'संस्कारी पिता' और 'बाबूजी' का टैग मिल गया.
#MeToo में फंस गए थे आलोक नाथ
हिंदी सिनेमा के दर्शकों की नजरों में 'संस्कारी पिता' की छवि बनाने वाले आलोक नाथ के फैंस को उस वक्त बड़ा धक्का लगा था, जब मीटू आंदोलन के तहत फिल्म निर्माता विंटा नंदा ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था.
इसके बाद से आलोक की निजी जिंदगी पर बहुत बुरा असर पड़ा और वह अकेले से पड़ गए. विंटा नंदा के अलावा दीपिका अमीन ने भी उन पर आरोप लगाया था.
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आलोक पिछली बार कार्तिक आर्यन, सनीं सिंह और नुसरत भरूचा स्टारर फिल्म 'सोनू के टीटू की स्वीटी' और अजय देवगन, तबु और रकूलप्रीत सिंह स्टारर फिल्म 'दे दे प्यार दे' में देखा गया था.