न्यू यार्क : भारत ने कहा है कि वह लाल सागर और अदन की खाड़ी में वाणिज्यिक पोतों के नौवहन को लेकर यमन से बढ़ते खतरों को लेकर 'बेहद चंतित' है.
इसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस पर तत्काल ध्यान देने और मुद्दे पर विचार-विमर्श का अनुरोध किया.
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी एस तिरुमूर्ति ने बृहस्पतिवार को पश्चिम एशिया (यमन) पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक में कहा कि वर्ष 2020 लाल सागर और अदन की खाड़ी में वाणिज्यिक पोत नौवहन को लेकर यमन से 'बढ़ते खतरों का साक्षी' रहा है.
उन्होंने कहा,'भारत इससे गंभीर रूप से चिंतित है जो न केवल वाणिज्यिक पोतों के सुरक्षित निकलने, बल्कि क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है. यह मुद्दा ऐसा है कि परिषद इसपर तत्काल ध्यान दे और गहन विचार विमर्श करे.'
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तिरुमूर्ति ने परिषद से यह भी कहा कि भारत हुदैयदाह और ताइज में हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर भी चिंतित है, जिसमें खासतौर पर महिलाएं और बच्चे मारे जा रहे हैं.