नई दिल्ली/गाजियाबादः पॉश इलाके के व्यस्त रोड पर एक युवक गला कटी हुई अवस्था में तड़प रहा था. मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस नहीं मिलने पर ई-रिक्शा में पास के निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां के निजी अस्पताल ने इलाज करने से ही मना कर दिया.
दरअसल एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें निजी अस्पताल के स्टाफ से पुलिस ने कहा कि युवक की जान बचा लो. लेकिन अस्पताल ने युवक को एडमिट करना तो दूर, उसे प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया. इसके बाद पुलिस ने युवक को सरकारी अस्पताल में एडमिट कराया.
पुलिस जब युवक को अस्पताल लेकर पहुंची उस समय का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि युवक ई-रिक्शा के बीच वाले हिस्से पर लेटा हुआ तड़प रहा है. पुलिस वाले अस्पताल के स्टाफ को कहते हैं कि कम से कम युवक की जान बचाने के लिए कुछ कर दिया जाए, लेकिन अस्पताल का स्टाफ साफ तौर पर कहता है कि इसकी जान इंजेक्शन लगाने से तो बचेगी नहीं. इसके बाद अस्पताल का स्टाफ काफी गुस्से में स्ट्रेचर को भी वापस अस्पताल के अंदर ले जाता है.
यह है पूरा माजरा
लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी कि इंदिरापुरम इलाके के कनावनी रोड पर एक युवक तड़प रहा है. शुरू में पुलिस को लगा कि एक्सीडेंट का मामला है, लेकिन ध्यान से देखने पर कहा जा रहा है कि युवक के गले पर लगे चोट के निशान किसी धारदार चीज से लगे हैं और काफी खून बह चुका था. अगर पुलिस वक्त रहते युवक को एडमिट नहीं करवाती तो शायद उसकी जान भी जा सकती थी.
जांच में जुटी पुलिस
हालांकि अभी भी युवक गंभीर है. उसकी पहचान की कोशिश की जा रही है. लेकिन वीडियो सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि अस्पताल ने युवक को क्यों एडमिट नहीं किया. कम से कम उसे प्राथमिक उपचार तो दिया ही जा सकता था. वहीं युवक गला कटी हुई अवस्था में रोड पर कैसे आया इस बात की जांच पुलिस कर रही है.