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उद्योगों की मनोदशा ठीक नहीं, प्रधानमंत्री को देना चाहिए सहयोग का आश्वासन: मोहनदास पाई - मोहनदास पाई

इन्फोसिस के पूर्व निदेशक मोहनदास पाई ने सरकार से अपील की है कि इंडिया इंक को इन झटकों को समायोजित करने के लिए उपचार की अवधि की आवश्यकता है और प्रधानमंत्री को यह बताने के लिए कदम उठाना चाहिए कि सरकार यहां उद्योग का समर्थन करने के लिए है.

उद्योगों की मनोदशा ठीक नहीं, प्रधानमंत्री को देना चाहिए सहयोग का आश्वासन: मोहनदास पाई
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Published : Nov 18, 2019, 8:29 PM IST

बेंगलुरु: अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति के बारे में बताते हुए, इंफोसिस के पूर्व निदेशक मोहनदास पाई ने कहा कि मंदी की शुरुआत पिछले साल आईएल एंड एफएस संकट के साथ हुई थी. उन्होंने एनबीएफसी के बाजार में तरलता की कमी के संकट का जोरदार विरोध किया.

ईटीवी भारत से एक्सक्लूसिव बात करते हुए टी वी मोहन दास पाई ने कहा कि भारतीय उद्योग का मनोबल बहुत कम है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जरूरत है कि वह उद्योगों से बात करके उन्हें समर्थन का आश्वासन दें.

उन्होंने आगे कहा, अक्टूबर-दिसंबर में ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर में परेशानी शुरू हुई, जिस दौरान सरकार द्वारा वित्त मंत्री के बीमार होने की वजह से बहुत अधिक कार्रवाई नहीं की गई.

ये भी पढ़ें: दुनियाभर में आर्थिक सुस्ती के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था सबसे तेज: ठाकुर

नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल की तारीफ करने के साथ ही मोहनदास पाई ने कहा कि इस दौरान सरकार ने नोटबंदी, जीएसटी और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए रेरा लाया, जिससे अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई. भारतीय बाजार को इससे उबरने में समय लगेगा, लेकिन प्रधानमंत्री को उद्योगों को यह आश्वासन देना चाहिए कि सरकार उनके साथ है.

बेंगलुरु: अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति के बारे में बताते हुए, इंफोसिस के पूर्व निदेशक मोहनदास पाई ने कहा कि मंदी की शुरुआत पिछले साल आईएल एंड एफएस संकट के साथ हुई थी. उन्होंने एनबीएफसी के बाजार में तरलता की कमी के संकट का जोरदार विरोध किया.

ईटीवी भारत से एक्सक्लूसिव बात करते हुए टी वी मोहन दास पाई ने कहा कि भारतीय उद्योग का मनोबल बहुत कम है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जरूरत है कि वह उद्योगों से बात करके उन्हें समर्थन का आश्वासन दें.

उन्होंने आगे कहा, अक्टूबर-दिसंबर में ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर में परेशानी शुरू हुई, जिस दौरान सरकार द्वारा वित्त मंत्री के बीमार होने की वजह से बहुत अधिक कार्रवाई नहीं की गई.

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नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल की तारीफ करने के साथ ही मोहनदास पाई ने कहा कि इस दौरान सरकार ने नोटबंदी, जीएसटी और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए रेरा लाया, जिससे अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई. भारतीय बाजार को इससे उबरने में समय लगेगा, लेकिन प्रधानमंत्री को उद्योगों को यह आश्वासन देना चाहिए कि सरकार उनके साथ है.

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बेंगलुरु: अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति के बारे में बताते हुए, इंफोसिस के पूर्व निदेशक मोहनदास पाई ने कहा कि मंदी की शुरुआत पिछले साल आईएल एंड एफएस संकट के साथ हुई थी. उन्होंने एनबीएफसी के बाजार में तरलता की कमी के संकट का जोरदार विरोध किया.



ईटीवी भारत से एक्सक्लूसिव बात करते हुए टी वी मोहन दास पाई ने कहा कि भारतीय उद्योग का मनोबल बहुत कम है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जरूरत है कि वह उद्योगों से बात करके उन्हें समर्थन का आश्वासन दें.



उन्होंने आगे कहा, अक्टूबर-दिसंबर में ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर में परेशानी शुरू हुई, जिस दौरान सरकार द्वारा वित्त मंत्री के बीमार होने की वजह से बहुत अधिक कार्रवाई नहीं की गई.



नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल की तारीफ करने के साथ ही मोहनदास पाई ने कहा कि इस  दौरान सरकार ने  नोटबंदी, जीएसटी और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए रेरा लाया, जिससे अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई. भारतीय बाजार को इससे उबरने में समय लगेगा, लेकिन प्रधानमंत्री को उद्योगों को यह आश्वासन देना चाहिए कि सरकार उनके साथ है.


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