नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय नौसेना में स्वदेशी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर केंद्रित 'स्प्रिंट चैलेंजेज' नामक पहल का सोमवार को अनावरण किया. मोदी ने नौसेना की एक संगोष्ठी में आयातित वस्तुओं के प्रति आकर्षण की मानसिकता में बदलाव की जरूरत पर बल देते हुए कहा, 'नवोन्मेष बहुत महत्वपूर्ण है. आयातित वस्तुएं नवोन्मेष का स्रोत नहीं हो सकती हैं.' नौसेना के 'नवल इनोवेशन एंड इंडिजेनाइजेशन ऑर्गेनाइजेशन' (एनआईआईओ) और सोसायटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम) ने मिलकर इस संगोष्ठी का आयोजन किया था.
रक्षा नवोन्मेष संगठन (डीआईओ) के सहयोग से एनआईआईओ का लक्ष्य आजादी के अमृत महोत्सव पर भारतीय नौसेना में कम से कम 75 नई स्वदेशी प्रौद्योगिकियों/ उत्पादों को शामिल करना है. इस परस्पर सहयोगकारी परियोजना का नाम स्प्रिंट रखा गया है. पीएम मोदी ने कहा, 'हमें स्वेदशी प्रौद्योगिकियों की संख्या लगातार बढ़ाने के लिए काम करना होगा. आपका लक्ष्य यह होना चाहिए कि जब भारत अपनी आजादी का 100वां साल मनाए तब हमारी नोसेना अप्रत्याशित ऊंचाई पर हो.'
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भारत की अर्थव्यवस्था में समुद्रों एवं तटों के महत्व को रेखांकित करते मोदी ने कहा कि भारतीय नौसेना की भूमिका लगातार बढ़ रही है इसलिए उसकी आत्मनिर्भरता बड़ी अहम है.
(पीटीआई-भाषा)