लखनऊ : बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबियों ने बैंक को 107 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया. बैंक से लोन लेने के नाम पर मुख्तार के गुर्गों ने बैंक का पैसा हड़प लिया. पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. हालांकि, एफआईआर में मुख्तार अंसारी का जिक्र नहीं है.
मुख्य आरोपी शकील हैदर बताया जा रहा है. शकील ने अपनी रियल स्टेट कंपनी हिंद कंस्ट्रक्शन प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और हिंद बिल्डटेक कंपनी के नाम पर लोन लिए थे. लोन की रकम उसने खर्च कर डाली और एक भी किश्त जमा नही की. बैंक अधिकारियों ने जब उससे संपर्क किया तो वह मुख्तार का नाम लेकर धमकाने लगा. फिलहाल, पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है.
लखनऊ के शीशमहल इलाके में रहने वाला शकील हैदर रियल स्टेट कंपनियां चलता है. उसने अमीनाबाद के यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच से अपनी कंपनी हिंद कंस्ट्रक्शन प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से 65 करोड़ रुपये का लोन कराया था. इस लोन में उसके साथ हनी अब्बास, वारिस हसन और तनवीर अहमद भी शामिल थे. यह मामला करीब 10 साल पुराना है.
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उसने दूसरा लोन हिंद बिल्डटेक के नाम से 42 करोड़ रुपये का कराया. बैंक अधिकारियों ने सारे कागजात देखने के बाद लोन पास कर दिया और रकम उसके खाते में भेज दी. शकील ने लोन की रकम अपने बिजनेस में लगा दी, लेकिन एक भी किश्त जमा नहीं की.
रिकवरी के लिए बैंक अधिकारियों ने उससे जब संपर्क किया तो वह मुख्तार का नाम लेकर उन्हें धमकाने लगा. इसी बीच यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय पंजाब नेशनल बैंक में कर दिया गया. मामले की जांच पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों ने शुरू की और बीते दिनों वजीरगंज पुलिस से संपर्क कर चार अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई. पुलिस सूत्रों का कहना है कि शकील हैदर बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का लखनऊ में सबसे करीबी गुर्गा है और वह अपनी कंपनियों की आड़ में उसका रियल स्टेट का काम देखता है.