कामारेड्डी : संपत्ति का बंटवारा नहीं करने और बैंक में जमा रकम नहीं दिये जाने से नाराज बेटे-बेटियों ने मां का शव लेने से इनकार कर दिया. यह अमानवीय घटना कामारेड्डी में हुई. तेलंगाना पुलिस के मुताबिक कामारेड्डी के आरबी नगर कॉलोनी की 70 वर्षीय महिला किश्तव्वा बीमारी से ग्रस्त थी. पिछले महीने की 21 तारीख को परिजनों ने उसे कामारेड्डी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया. 15 दिनों तक अस्पताल में इलाज के बाद शनिवार (6 मई) की रात किश्तव्वा की मौत हो गई. उसकी मौत की खबर अस्पताल के स्टाफ ने परिजनों को दी.
हालांकि, दो दिनों तक उनके बेटे और बेटियों ने अस्पताल से अपनी मां का शव लेने नहीं पहुंचे. फिर अस्पताल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी. किश्तव्वा के शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है. किश्तव्वा की दो बेटियां और एक बेटा है. वे कामारेड्डी में रहते हैं. किश्तव्वा के नाम पर एक घर है. उसके खाते में 1.70 लाख रुपए बैंक में जमा है.
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किश्तव्वा के बेटे और बेटियाँ उससे नाराज हो गए क्योंकि उसने यह संपत्ति और पैसा अपने बच्चों को नहीं दिया. इसके बजाय, उसने अपने एक रिश्तेदार को अपना उत्तराधिकारी के रूप में नामांकित किया. इससे खफा किश्तव्वा के बच्चे उसके शव को दाह संस्कार के लिए लेने के लिए अस्पताल नहीं आए. अस्पताल के कर्मचारी और पुलिस किश्तव्वा के शव को उसके परिवार के सदस्यों को सौंपने का इंतजार कर रहे हैं. यदि कोई नहीं आता है, तो एक संभावना है कि शव को अनाथ माना जाएगा और नगरपालिका कर्मचारियों द्वारा अंतिम संस्कार किया जाएगा.