रांची : झारखंड की राजधानी रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती एक कोरोना पीड़िता की दर्द से कराहने और पानी के अभाव में मौत हो गई. मिली जानकारी के मुताबिक, कोरोना पीड़िता रातभर पानी मांगती रही, लेकिन उसे वहां पानी देने वाला कोई नहीं था. पता चला है कि शुक्रवार सुबह पीड़िता की मौत हुई है.
दरअसल, कोरोना पीड़िता पिठोरिया के हेसलपेडा की रहने वाली थी, जो रिम्स के मेडिसिन डी1 वार्ड में बनाए गए कोरोना वार्ड में भर्ती थी. मृतका के पति ने बताया कि उसकी पत्नी को बहुत तेज प्यास लगी थी, जिसके लिए उसने सुबह पांच बजे उसे फोन किया था. उसने कहा कि वह पानी लेकर अस्पताल आया, लेकिन अंदर नहीं जा सका क्योंकि वार्ड में ताला लगा था.
लापरवाही में गई जान
मृतका के पति ने आरोप लगाते हुए कहा कि रिम्स अस्पताल की घोर लापरवाही की वजह से उसकी मौत हुई है. उसने बताया कि उसकी पत्नी के पेट में तेज दर्द था. मिली जानकारी के अनुसार, महिला दो अक्टूबर से सर्जरी विभाग में भर्ती थी. उसका सिटी स्कैन होना था. चार अक्टूबर को वह कोरोना से संक्रमित पाई गई. उसके बाद सात अक्टूबर की रात लगभग 12 बजे उसे कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया था.
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रातभर कराहती रही पीड़िता
सबसे बड़ा सवाल यह है कि महिला जब इतनी गंभीर थी, तो उसे आईसीयू के बजाय जनरल वार्ड में अकेले क्यों रखा गया. दर्द से कराहने के बाद भी उसे कोई देखने तक नहीं आया. वार्ड के दूसरे मरीजों ने बताया कि वह रातभर कराहती रही. पानी-पानी कहती रही, लेकिन उसकी स्थिति इतनी खराब थी कि डर से कोई उसके पास नहीं जा रहा था. पति भी भर्ती करने के बाद वार्ड से बाहर चला गया. वार्ड में केवल सिस्टर थी, जो अपने कमरे में सो रही थी. उस समय वहां कोई वार्ड ब्वॉय भी नहीं मौजूद था.
कार्रवाई करने का आश्वासन
वहीं, इस मामले पर अस्पताल प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि पानी के लिए तड़पकर कोरोना मरीज की मौत का मामला सामने आया है. उस समय वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ कर मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी.