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Raipur : गर्मी की शुरुआत में ही जलसंकट गहराया, पीएचई विभाग अलर्ट - गांवों में जलसंकट

गर्मी की शुरुआत में कई गांवों में जलसंकट गहराते जा रहा है. पीएचई विभाग ने ऐसे जिलों की सूची तैयार की है जहां पानी की कमी अभी से हो रही है. विभाग का दावा है कि, जिन जिलों में पानी की कमी है. वहां के हैंडपंपों में सुधार करके पानी उपलब्ध कराया जाएगा.Water crisis in Chhattisgarh

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गर्मी की शुरुआत में ही पानी की कमी
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Published : Apr 15, 2023, 7:04 PM IST

रायपुर : छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में गर्मी बढ़ने के साथ ही भूजल स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है. कई गांवों और कस्बों में हैंडपंप सूख चुके हैं.वहीं कुछ क्षेत्रों में भूजल स्तर 25 से 30 मीटर तक नीचे चला गया है. लोगों को भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान ना होना पड़े इसके लिए पीएचई विभाग सक्रिय है. पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है. गांवों और कस्बों में हैंडपंप का सर्वे कराया जा रहा है.कई हैंडपंपों में सिंगल फेस मोटर लगाने का भी प्रावधान है.


प्राकृतिक जलस्त्रोत सूखे : गर्मी की शुरुआत में ही अधिकांश नदी, नालों सहित कुओं और तालाबों का पानी सूखने लगा है. इससे ग्रामीणों के लिए निस्तारी की समस्या खड़ी हो गई है. धमतरी जिले में महानदी के किनारे बसे गांव में पेयजल समस्या विकराल रूप ले रही है. रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) से निस्तारी के लिए पानी नहीं छोड़े जाने के कारण नदी सूख चुकी है. आसपास के गांव में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है. पेयजल समस्या को देखते हुए ग्रामीण निस्तारी के लिए बांध से पानी छोड़े जाने की मांग शासन प्रशासन से कर रहे हैं.



पीएचई विभाग अलर्ट : लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि '' प्रदेश में भीषण गर्मी के सीजन में पेयजल संकट की स्थिति से निपटने के लिए सभी जिलों में विभाग के मैदानी अमले को सतर्क कर दिया गया है. पेयजल की स्थिति की सतत निगरानी के अलावा गांव में खराब हैंडपंपों के सुधार, राइजर पाइप बढ़ाने और सोलर पंप लगाने का कार्य किया जा रहा है.''



कितने हैंडपंपों की स्थिति खराब : छत्तीसगढ़ किसान बाहुल्य प्रदेश है. प्रदेश के हजारों किसान ऐसे हैं, जो गर्मी में रबी की फसल लगाते हैं. विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश के करीब एक हजार हैंड पंप हैं. जिनमें पानी नहीं आ रहा है.अफसर कह रहे हैं कि ''जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या आ रही है.उन क्षेत्र के किसानों के लिए प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना नरवा के माध्यम से पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.''

ये भी पढ़ें- जल जीवन मिशन योजना में भ्रष्टाचार, नहीं पहुंचा आदिवासियों तक साफ पानी

किन जिलों में पानी की सबसे ज्यादा कमी : प्रदेश में बेमेतरा, बालोद, धमतरी, कोंडागांव, कांकेर, राजनांदगांव, कवर्धा, रायगढ़, बलौदा बाजार- भाटापारा, महासमुंद, सक्ति, मुंगेली, जांजगीर चांपा, नारायणपुर, गरियाबंद, मुंगेली, बिलासपुर, सूरजपुर, बलरामपुर और कोरिया जिले में जलसंकट है. इन जिलों के पेयजल समस्या ग्रस्त गांवों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों की ओर से दिए गए हैं.

रायपुर : छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में गर्मी बढ़ने के साथ ही भूजल स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है. कई गांवों और कस्बों में हैंडपंप सूख चुके हैं.वहीं कुछ क्षेत्रों में भूजल स्तर 25 से 30 मीटर तक नीचे चला गया है. लोगों को भीषण गर्मी में पानी के लिए परेशान ना होना पड़े इसके लिए पीएचई विभाग सक्रिय है. पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है. गांवों और कस्बों में हैंडपंप का सर्वे कराया जा रहा है.कई हैंडपंपों में सिंगल फेस मोटर लगाने का भी प्रावधान है.


प्राकृतिक जलस्त्रोत सूखे : गर्मी की शुरुआत में ही अधिकांश नदी, नालों सहित कुओं और तालाबों का पानी सूखने लगा है. इससे ग्रामीणों के लिए निस्तारी की समस्या खड़ी हो गई है. धमतरी जिले में महानदी के किनारे बसे गांव में पेयजल समस्या विकराल रूप ले रही है. रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) से निस्तारी के लिए पानी नहीं छोड़े जाने के कारण नदी सूख चुकी है. आसपास के गांव में भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है. पेयजल समस्या को देखते हुए ग्रामीण निस्तारी के लिए बांध से पानी छोड़े जाने की मांग शासन प्रशासन से कर रहे हैं.



पीएचई विभाग अलर्ट : लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि '' प्रदेश में भीषण गर्मी के सीजन में पेयजल संकट की स्थिति से निपटने के लिए सभी जिलों में विभाग के मैदानी अमले को सतर्क कर दिया गया है. पेयजल की स्थिति की सतत निगरानी के अलावा गांव में खराब हैंडपंपों के सुधार, राइजर पाइप बढ़ाने और सोलर पंप लगाने का कार्य किया जा रहा है.''



कितने हैंडपंपों की स्थिति खराब : छत्तीसगढ़ किसान बाहुल्य प्रदेश है. प्रदेश के हजारों किसान ऐसे हैं, जो गर्मी में रबी की फसल लगाते हैं. विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश के करीब एक हजार हैंड पंप हैं. जिनमें पानी नहीं आ रहा है.अफसर कह रहे हैं कि ''जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या आ रही है.उन क्षेत्र के किसानों के लिए प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना नरवा के माध्यम से पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.''

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किन जिलों में पानी की सबसे ज्यादा कमी : प्रदेश में बेमेतरा, बालोद, धमतरी, कोंडागांव, कांकेर, राजनांदगांव, कवर्धा, रायगढ़, बलौदा बाजार- भाटापारा, महासमुंद, सक्ति, मुंगेली, जांजगीर चांपा, नारायणपुर, गरियाबंद, मुंगेली, बिलासपुर, सूरजपुर, बलरामपुर और कोरिया जिले में जलसंकट है. इन जिलों के पेयजल समस्या ग्रस्त गांवों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों की ओर से दिए गए हैं.

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