रायपुरः छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव वैसे तो साल 2023 में होने वाला है लेकिन अभी से सभी राजनीतिक दल चुनावी मोड में चले गए हैं. इसी कड़ी में कांग्रेस भी चुनाव की तैयारियों में जुट गई है. जिसके तहत बूथ स्तर पार्टी मजबूत करने में जुटी हुई है. क्योंकि पिछला चुनाव कांग्रेस ने बूथ को मजबूत कर जीत हासिल की थी. इसी बीच प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों में बदलाव भी किए जा रहे हैं. यह बात भी सामने आ रही है कि हो सकता है कि आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया सहित कुछ पार्टी पदाधिकारी बदले जा सकते हैं. हालांकि इसकी पुष्टि अब तक नहीं की गई है.
राजनीतिक जानकार, वरिष्ठ पत्रकार रामअवतार तिवारी का कहना है कि पीएल पुनिया छत्तीसगढ़ विधानसभा के समय में प्रभारी थे और वर्तमान में भी वे प्रभारी हैं. उनको यूपी चुनाव के लिए चुनाव कैम्पेन प्रभारी बनाया गया. इसलिए ऐसी अटकलें हैं. उत्तर प्रदेश चुनाव 6 महीने बाद है और छत्तीसगढ़ में चुनाव में अभी 2 साल बाकी है. आने वाले समय में क्या परिवर्तन होता है, क्या रणनीति बनती है? यह अभी कह पाना कठिन है.
शुरु हो गई हैं बदलाव की अटकलें
तिवारी ने कहा कि राजनीति में रणनीतियां बनती रहती हैं. परिवर्तन होते रहते हैं और राजनीतिक पार्टियां इसकी समीक्षा करती हैं. उसकी रणनीति बनाते हैं. जीत का आधार क्या हो सकता है? यह तय करने के लिए जिलों से लेकर राजधानी तक हर पार्टी में मंथन होता है. वहीं, कांग्रेस मंथन में भी हो रहा है. कांग्रेस में भी उसी के तहत बदलाव की कोशिश हो सकती है, जो अटकलें हैं. अटकलों पर निर्णय कांग्रेस हाईकमान किस तरह लेता है? वरिष्ठ नेताओं के यहां किस तरह से विचार-विमर्श किया जा रहा है? आने वाला समय बताएगा.
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भाजपा को रोकना भी होगी एक चुनौती
राम अवतार तिवारी ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए छत्तीसगढ़ का चुनाव बेहद रोमांचक और चुनौतीपूर्ण होगा. चूंकि, भाजपा इस समय देश में सबसे बड़ी पार्टी है. लगातार चुनाव जीत रही है. उसके रथ को भूपेश बघेल रोक पाते हैं या नहीं, यह भी देखना होगा. हांलांकि कांग्रेस अपने दोबारा वापसी के लिए रणनीति बनाने में जुट गई है.
बूथ स्तर पर दी जा रही मजबूती
कांग्रेस की तैयारी बूथ स्तर पर शुरू हो गई है. अलग-अलग स्तर पर कांग्रेस अपनी तैयारियों में लगी हुई है. देखा जाय तो जिस तरह से कांग्रेस पार्टी में माहौल बना हुआ है, उससे तो यही लगता है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव परिणाम छत्तीसगढ़ में प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के भविष्य का निर्धारण करेगा. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया को उत्तर प्रदेश का चुनावी कैंपेन का प्रभारी बनाया गया है और इसके बाद पुनिया लगातार उत्तर प्रदेश में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश में लगभग 6 महीने बाद चुनाव होने हैं और यही वजह है कि कांग्रेस का पूरा ध्यान उत्तर प्रदेश चुनाव में है.