नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में मंगलवार को देशवासियों को बार-बार 'परिवारजन' कहकर संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी और उनसे पहले के प्रधानमंत्री भी अब तक लाल किले से जनता को आम तौर पर 'मेरे प्रिय देशवासियों' कह कर संबोधित करते रहे हैं. इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कई बार 'मेरे प्यारे परिवारजनों' और 'मेरे प्रिय परिवारजनों' कहा.
उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा, 'इतना बड़ा देश, 140 करोड़ मेरे भाई-बहन, मेरे परिवारजन... आज आजादी का पर्व मना रहे हैं. मैं देश के कोटि-कोटि जनों को, देश और दुनिया में भारत को प्यार करने वाले, भारत का सम्मान करने वाले कोटि-कोटि जनों को इस महान पर्व की अनेक-अनेक शुभकामनाएं देता हूं.' प्रधानमंत्री ने 'परिवारजन' के साथ ही देशवासियों शब्द का भी उपयोग किया.
बता दें, पीएम मोदी ने अपने 10वें भाषण की शुरुआत 140 करोड़ भारतीयों के स्थान पर परिवारजनों से किया. आमतौर पर पीएम मोदी अपने भाषण में 140 करोड़ भारतीयों का उल्लेख करते हैं, लेकिन इस बार यह सुनने को नहीं मिला. उन्होंने नए शब्द परिवारजनों को बार-बार कहा. इसके साथ-साथ उन्होंने लाल किले की प्राचीर से दुनिया को संदेश भी दिया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत नए वर्ल्ड ऑर्डर में अहम भूमिका निभाएगा.
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लाल किले से अपने 10वें भाषण में पीएम मोदी ने देश की महान विभूतियों का भी जिक्र किया. उन्होंने दयानंद सरस्वती, महर्षि अरविंदो के साथ-साथ रानी दुर्गावती और मीराबाई को याद किया. उन्होंने अपने भाषण में मणिपुर हिंसा पर भी चिंता जाहिर किया. उन्होंने कहा कि मणिपुर से अब शांति की खबरें आ रही हैं.
एकस्ट्रा इनपुट- एजेंसी