श्रीनगर गढ़वाल: इनदिनों उप जिला चिकित्सालय श्रीनगर में हर दिन 20 से 30 मरीज किडनी स्टोन से होने वाले दर्द के पहुंच रहे हैं. ज्यादातर मरीज पेट दर्द और लंबे समय से दर्द से परेशान होकर अस्पताल की ओर रुख कर रहे हैं. वहीं, विशेषज्ञ डॉक्टरों की मानें तो आने वाले मौसम में लोगों में पथरी होने की शिकायत बढ़ सकती हैं.
वरिष्ठ सर्जन डॉ मोहित सिंह ने क्या कहा: उप जिला अस्पताल श्रीनगर में तैनात वरिष्ठ सर्जन मोहित सिंह ने बताया कि सर्दियों के समय पथरी के मरीजों संख्या में इजाफा हो जाता है. यही वजह है कि इस समस्या से ग्रसित मरीज अस्पतालों का ज्यादा रुख कर रहे हैं. उन्होंने इस समस्या के बढ़ने की वजह भी बताई. डॉक्टर ने बताया कि ये समस्या शरीर में पानी की कमी हो जाने के कारण होती है और सर्दियों के समय ऐसा ज्यादा देखा गया है.
कब खतरनाक होती है पथरी: डॉक्टर मोहित ने बताया कि कभी कभी यूरीन में एसिड बनना भी इसकी वजह बन जाती है. उन्होंने बताया कि अमूमन किडनी में स्टोन होते हैं, तो कभी-कभी ऑपरेशन की जरूरत भी पड़ जाती है. डॉक्टर ने बताया कि अगर स्टोन 2.50 सेंटीमीटर से 3 सेंटीमीटर से बड़ा होता है, तब ऑपरेशन करना अनिवार्य हो जाता है. उन्होंने बताया कि पथरी के मरीजों को हाई प्रोटीन डाइट के बचना चाहिए और साधारण भोजन करना चाहिए.
लोग ठंड के कारण पानी कम पीते हैं. इससे उनका पेट पानी की कमी से ड्राय होने लगता है. इस कारण उनके पेट में दर्द की शिकायत बढ़ जाती है. इसके कारण जिन व्यक्तियों में यूरिक एसिड की अधिकता, कैल्शियम ऑफलिट की अधिकता हो जाती है, तब पथरी तेजी से बढ़ती है. गर्मियों के दिनों में अगर आपके पेट में पथरी बन भी रही है, तो ये पथरी पानी पीने के दौरान यूरीन के जरिये बाहर निकल आती है. - वरिष्ठ सर्जन मोहित सिंह
ठंड के मौसम में ये पदार्थ शरीर में बढ़ जाते हैं: मोहित सिंह बताते हैं कि, सर्दियों के इन महीनों में यूरीन में कैल्शियम, सोडियम, ऑक्सालेट, यूरिक एसिड जैसे खनिज, अम्ल और अन्य पदार्थ होते हैं. जब यूरीन में इन पदार्थों के कण बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं और शरीर में तरल पदार्थ (पानी आदि) की मात्रा कम होती है, तो यह कण आपस में चिपकने लगते हैं. इसके कारण सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के साथ पूरी सर्दियों में शरीर में तरल पदार्थ की कमी हो जाती है. इसलिए इन दिनों किडनी की पथरी की शिकायतें अधिक आती हैं.
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