इंदौर: देश के अस्तित्व की रक्षा में जनजाति समाज के क्रांतिकारियों का हमेशा महत्वपूर्ण योगदान रहा है. यह बात किसी से छिपी नहीं है. लिहाजा अब प्रदेश के आदिवासी समाज की मदद के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी. यह बातें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित जनजाति समाज के सम्मेलन में कही.
सीएम मोहन ने आदिवासियों को किया संबोधित
दरअसल, इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जय ऊंकार आदिवासी भिलाला समाज संगठन द्वारा आयोजित भिलाला समाज समागम व युवक-युवती परिचय सम्मेलन को संबोधित करने पहुंच रहे थे. उन्होंने सम्मेलन में आदिवासी समाज को संबोधित किया. सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश में जनजाति समाज के क्रांतिकारियों और महापुरूषों के व्यक्तित्व और कृतित्व को समाज में स्थापित किया जा रहा है. क्रांतिकारी टंट्या मामा की स्मृति में प्रदेश के इंदौर संभाग में विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है. इस समाज का गौरवशाली इतिहास है. इस समाज के विकास के लिए कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी. इन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए पूरे मदद दी जाएगी.
ये हमारी संस्कृति की पहचान है; हमने जनजातीय जननायक टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किया... pic.twitter.com/qMbQPnTEu4
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) October 27, 2024
मोहन यादव ने आदिवासियों को दी नसीहत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि 'इंदौर में जनजाति समाज की गतिविधियों के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी. धर्मशाला के लिए 5 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा 'जनजाति समाज ने अपनी सांस्कृतिक विरासत व परंपराओं को सहज कर रखा है. इस समाज से जो प्राप्त है. उसी को पर्याप्त मानकर आनंद से जीवन जीने की शैली अपनाई है. यह समाज कृषि एवं पशुपालन पर आधारित है. भोलापन भी इस समाज की विशेष पहचान रही है. उन्होंने कहा कि वे इस भोलापन को कमजोरी नहीं बनने दें और किसी भी दुष्चोक्र में नहीं आये. कुरीतियों से दूर रहें. अपनी सांस्कृतिक विरासत और परम्परा को सहेज कर रखें. बदलते दौर में इन्हें सुरक्षित जरूर रखें.
जनजातीय संस्कृति एवं परम्परा हमारे मध्यप्रदेश का गौरव...
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आज इंदौर में आयोजित भिलाला समाज के प्रांतीय सम्मेलन ने वैभवशाली अतीत एवं विविध लोक संस्कृति से परिचय जुड़ने का अवसर दिया।
इस अवसर पर समाज के मेधावी विद्यार्थियों एवं प्रतिभावान व्यक्तियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के… pic.twitter.com/9Ca43yOkwn
हर संभव मदद का दिया आश्वासन
सीएम मोहन यादव ने कहा 'जो समाज अपनी विरासत, परम्परा और संस्कृंति से दूर होता है, वह कमजोर बन जाता है. जड़ों से जुड़े रहें. एक दूसरे को साथ लेकर आगे बढें. आगे बढ़ने के लिए राज्य शासन द्वारा उन्हें हर संभव मदद दी जायेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदला जाएगा. सिकलसेल जैसी घातक बीमारी से समाज को मुक्त करने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे है. मैं स्वयं भी छात्रावासों का दौरा कर व्यवस्थाओं को देखूंगा. उन्होंने समाज के क्रांतिकारियों और महापुरूषों का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में इनके कार्यों को जन-जन तक पहुंचाया जायेगा.
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आगामी 15 नवंबर को बिरसा मुण्डा जयंती पर धार में विशाल कार्यक्रम आयोजित होगा. डॉ. यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा पूरी आस्था एवं हर्षोंल्लास से की जायेगी. उन्होंने कहा कि इंदौर में जनजाति समाज की गतिविधियों के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और निर्मित की जा रही धर्मशाला के लिए 5 करोड रुपए दिए जाएंगे.