नई दिल्ली: मणिपुर सरकार ने कहा है कि वो 25 मई को आयोजित होने वाली यूपीएससी सिविल सर्विसेज की प्रीलिम्स परीक्षा मणिपुर के बाहर आयोजित करना चाहती है. मणिपुर सरकार ने ये सूचना दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यकारी चीफ जस्टिस मनमोहन की अध्यक्षता वाली बेंच को दी. मामले की अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी.
सुनवाई के दौरान मणिपुर के मुख्य सचिव ने हाईकोर्ट को बताया कि राज्य के बाहर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों को वो आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराने को तैयार है. उन्होंने कहा कि मणिपुर फिलहाल हिंसा की गिरफ्त में है. ऐसे में राज्य में परीक्षा आयोजित करना संभव नहीं है. इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि 2023 में भी यूपीएससी की परीक्षा राज्य के बाहर आयोजित की गई थी इसलिए इस साल भी यूपीएससी की परीक्षा राज्य के बाहर आयोजित की जा सकती है. हाईकोर्ट ने यूपीएससी के वकील को निर्देश दिया कि वो इस संबंध में निर्देश लेकर कोर्ट को सूचित करें.
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याचिका जोमी स्टूडेंट्स फेडरेशन ने दायर किया है. याचिका में मांग की गई है कि यूपीएससी की परीक्षा मणिपुर के चूराचांदपुर और कांगपोकपी में आयोजित की जाए और इसके लिए यूपीएससी आवेदन करने की अनुमति दे, ताकि इसके अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र का विकल्प चुनने का मौका मिले. सुनवाई के दौरान मणिपुर राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि राज्य सरकार के मुख्य सचिव ने उन्हें पत्र लिखकर सूचित किया कि चूराचांदपुर और कांगपोकपी में परीक्षा केंद्र स्थापित करना संभव नहीं है.
पत्र में कहा गया है कि परीक्षार्थियों को राज्य के बाहर परीक्षा केंद्र स्थापित करने की अनुमति दी जाए और राज्य के बाहर परीक्षा देने जाने वाले अभ्यर्थियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी. बता दें कि मणिपुर हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद मई 2023 से मणिपुर में हिंसा जारी है. इस हिंसा में 160 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है.
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