बाड़मेर. जिले के नांद पंचायत में बुधवार को महाशिवरात्रि के दिन सामाजिक जनजागृति को लेकर जाट समाज की बैठक हुई. इसमें समाज सुधार के अहम फैसले लिए गए. बाल विवाह, मृत्यु भोज और नशाखोरी जैसी कुरीतियों पर पाबंदी लगाई गई.
सामाजिक कुरीतियों से आर्थिक नुकसान रोकने को समाज के मौजिज लोगों व युवाओं की आम सहमति से कई निर्णय लिए. इसमें मृत्यु भोज बंद करने, विवाह और अन्य सामाजिक आयोजनों में फिजूलखर्ची रोकने और नशे पर पूर्ण प्रतिबंध जैसे अहम निर्णय शामिल है. बैठक में एकराय बनी कि सामाजिक नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी.
बैठक आयोजन समिति के प्रवक्ता ओमप्रकाश जाखड़ ने बताया कि सभा में समाज की आर्थिक और सांस्कृतिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कई घोषणाएं की गई. इसमें मृत्यु भोज सीमित कर 12 दिन तक केवल सब्जी, दाल, कढ़ी और बाजरे की रोटी रखने और 12वें दिन सिर्फ गेहूं का हलवा व चना परोसने का निर्णय लिया गया. विवाह में डीजे, फ्लोर और हल्दी रस्म पर पाबंदी रहेगी. दूल्हे को दाढ़ी नहीं रखने की परंपरा अपनानी होगी. सोने के लेन-देन की सीमा अधिकतम 5 तोला तय की है. नशे पर पूरी तया प्रतिबंधित किया. मृत्यु, शादी और धार्मिक आयोजनों में नशीले पदार्थों का सेवन वर्जित रहेगा. 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्मार्टफोन के उपयोग पर रोक लगाई गई है.
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जाट समाज ने बाल विवाह पूरी तरह समाप्त करने का निर्णय लिया. दहेज प्रथा पर सख्त प्रतिबंध लगाया. मृत्यु के अवसर पर ओढावणी केवल बहन-बेटियों तक सीमित रहेगी. परिवार के किसी सदस्य के स्वर्गवास पर बहन-बेटियों के घर कार्यक्रमों में ओढावणी पूरी तरह बंद रहेगी.
समाज सुधार की दिशा में अहम कदम: पंचायत नांद में लिए फैसले समाज में आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. इनकी पालना से समाज में कुरीतियां समाप्त कर सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद है.