बागपत: चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1902 को हापुड़ के नूरपुर गांव में हुआ था. छह माह की उम्र में पिता चौधरी मीर सिंह और माता नेत्र कौर के साथ वह मेरठ के भूपगढ़ी गांव आ गए थे. जानीखुर्द की पाठशाला से प्राथमिक शिक्षा और 1926 में मेरठ कॉलेज से कानून की पढ़ाई कर उन्होंने गाजियाबाद में वकालत शुरू की. 1937 में छपरौली से प्रांतीय धारा सभा में चुने गए आजादी के आंदोलन में उन्होंने भाग लिया. तीन अप्रैल 1967 को मुख्यमंत्री, 1977 में सांसद बनने के बाद गृहमंत्री, 24 जनवरी 1979 को उप प्रधानमंत्री और 28 जुलाई 1979 को वह प्रधानमंत्री बने. इस महान शख्सियत का 29 मई 1987 को निधन हो गया.
किसानों को दिलाई आजादी
चौधरी साहब ने सहकारी खेती का विरोध, कृषि कर्ज माफी, जमींदारी उन्मूलन, भूमि सुधार अधिनियम, चकबंदी अधिनियम लागू करने, मृदा परीक्षण, कृषि को आयकर से बाहर रखने, नहर पटरी पर चलने पर जुर्माना लगाने का ब्रिटिश कानून खत्म करने, वर्ष 1961 में वायरलेस युक्त पुलिस गश्त, किसान को जोतबही दिलाने, कृषि उपज की अंतरराज्यीय आवाजाही पर रोक हटाने और कपड़ा मिलों को 20 प्रतिशत कपड़ा गरीबों के लिए बनवाने जैसे काम किए.